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राहुल गांधी पर सुधांशु त्रिवेदी का तीखा हमला, बोले- 'भाषा के नाम पर लोगों को लड़ाने की कोशिश नहीं होगी कामयाब'

 
राहुल गांधी पर सुधांशु त्रिवेदी का तीखा हमला, बोले- 'भाषा के नाम पर लोगों को लड़ाने की कोशिश नहीं होगी कामयाब'
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New Delhi : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी पर भाषा के आधार पर लोगों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में तमिल भाषा, साहित्य और संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कई प्रयास किए गए हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने आपातकाल, दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों, देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी कंपनियों से जुड़े मुद्दों पर भी कांग्रेस को घेरा।

'AI के दौर में भाषा के नाम पर लोगों को नहीं बांटा जा सकता'

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भाषा के आधार पर लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राहुल जी भाषा के आधार पर लोगों को लड़ाने की जो इच्छा रखते हैं, वह पूरी नहीं होने वाली है। अब AI के जरिए सभी भाषाओं का सीधा अनुवाद हो रहा है। अब कोई कुछ भी बोलकर यह नहीं सोच सकता कि लोग उसे समझ नहीं पाएंगे।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आधुनिक तकनीक के दौर में भाषाई बाधाएं कम हो रही हैं और अलग-अलग भाषाओं में कही गई बातों को समझना पहले की तुलना में आसान हो गया है।

आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस पर साधा निशाना

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान भारी पुलिस तैनाती और आपातकाल जैसे हालात होने के आरोपों पर भी सुधांशु त्रिवेदी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान नागरिकों के मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं का हनन हुआ था।

त्रिवेदी ने कहा कि लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने की कोशिश करने वालों के मंसूबे सफल नहीं होंगे। उन्होंने विरोध प्रदर्शनों को लेकर कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका पर भी सवाल उठाए।

'भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है'

देश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि सैमसंग और फॉक्सकॉन जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की विनिर्माण इकाइयां भारत में मौजूद हैं। उन्होंने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि देश मंगल ग्रह तक पहुंचने की क्षमता प्रदर्शित कर चुका है।

सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी ताकतें भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं और देश के भीतर भी ऐसी सोच रखने वाले लोग सक्रिय हैं। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई विशिष्ट प्रमाण प्रस्तुत किए जाने का विवरण नहीं दिया।

स्टारलिंक और विदेशी कंपनियों के मुद्दे पर कांग्रेस से सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने स्टारलिंक से जुड़े मुद्दे पर राहुल गांधी के कथित रुख को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस बार-बार विदेशी पक्षों के समर्थन में क्यों खड़ी दिखाई देती है। इस दौरान उन्होंने हिंडनबर्ग और अगस्ता वेस्टलैंड से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया।

भाजपा प्रवक्ता ने इन मामलों को लेकर कांग्रेस की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए। ये आरोप भाजपा नेता के बयान हैं, न कि स्वतंत्र रूप से स्थापित निष्कर्ष।

'पीएम मोदी ने तमिल भाषा और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई'

सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने तमिल भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं।उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में तमिल संस्कृति को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सम्मान मिला है।

भाजपा प्रवक्ता ने चेन्नई में करीब 13 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इनमें लगभग 4,900 करोड़ रुपये की चेन्नई मेट्रो परियोजना और करीब 3,700 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं।

इसके अलावा उन्होंने कराईकल-पेरालम रेल परियोजना, बंदरगाहों के उन्नयन और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी जिक्र किया।

राहुल गांधी और भाजपा के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

सुधांशु त्रिवेदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हुई है, जब राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेतृत्व पर लोकतंत्र तथा संवैधानिक अधिकारों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

वहीं, भाजपा कांग्रेस पर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि खराब करने के आरोप लगा रही है। दोनों दलों के बीच भाषा, लोकतंत्र और विकास के मुद्दों पर बयानबाजी तेज हो गई है।