Movie prime

CJP प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, FIR वापस लेने के निर्देश
 

 
 CJP प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, FIR वापस लेने के निर्देश
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े प्रदर्शनकारियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया। शीर्ष अदालत ने केंद्र, दिल्ली और संबंधित राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि जिन छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों में कोई गंभीर आपराधिक इतिहास नहीं है, उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने या उन्हें बंद करने की संभावना पर विचार किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राहत केवल उन्हीं प्रदर्शनकारियों को मिलेगी जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पूरी तरह साफ है। जिन लोगों के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें इस आदेश का लाभ नहीं मिलेगा।

साफ रिकॉर्ड वालों पर फिलहाल नहीं होगी सख्त कार्रवाई

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार और कानून-व्यवस्था, दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए निर्देश दिया कि जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, उनके खिलाफ फिलहाल किसी तरह की जबरदस्ती या दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। हालांकि, यह आदेश जांच एजेंसियों के कामकाज पर रोक नहीं माना जाएगा।

2700 से अधिक गंभीर आरोपियों को नहीं मिलेगी राहत

केंद्र सरकार की ओर से मुख्य न्यायाधीश को बताया गया कि जांच के दौरान 2700 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर और संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि ऐसे आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली जाएंगी और उनके मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

सरकार ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का उद्देश्य केवल बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले प्रदर्शनकारियों को अनावश्यक कठोर कार्रवाई से बचाना है, जबकि जांच की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी।

पैलेट गन के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने दिल्ली पुलिस द्वारा पैलेट गन के संभावित इस्तेमाल का मुद्दा भी अदालत के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के पास पैलेट गन के उपयोग को लेकर कोई स्पष्ट स्थायी आदेश या आधिकारिक प्रोटोकॉल नहीं है।

इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत इस विषय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल तय करना चाहेगी, ताकि भविष्य में पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर किसी प्रकार की अस्पष्टता न रहे।