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NEET प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, सभी FIR रद्द; CJP ने 5 सितंबर का मार्च लिया वापस
 

 
 NEET प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, सभी FIR रद्द; CJP ने 5 सितंबर का मार्च लिया वापस
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नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 से जुड़े विरोध प्रदर्शन के मामले में छात्रों और प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छात्रों के खिलाफ दर्ज उन सभी एफआईआर को रद्द करने का निर्देश दिया है, जो विरोध प्रदर्शन से संबंधित हैं। हालांकि, गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपियों को इस राहत के दायरे से बाहर रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद CJP ने 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित मार्च वापस लेने का फैसला किया है। CJP की ओर से कहा गया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मार्च वापस लिया जा रहा है।

सरकार ने एफआईआर वापस लेने का दिया था आश्वासन

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद आया है। सरकार ने अदालत को बताया था कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। साथ ही, भविष्य में इसी विरोध प्रदर्शन से संबंधित कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।

गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वालों को राहत नहीं

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले आरोपियों को एफआईआर रद्द होने का लाभ नहीं मिलेगा। अदालत ने दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल 2,873 लोगों में से कुछ आरोपियों के खिलाफ एक एफआईआर में आगे की कार्रवाई करने की अनुमति दी है।

कई राज्यों ने दाखिल की एफआईआर रद्द करने की याचिकाएं

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि दिल्ली पुलिस के अलावा बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सरकारों ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए याचिकाएं दाखिल की हैं।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक बातचीत और आपसी विश्वास की सराहना की। सॉलिसिटर जनरल ने भी कहा कि दोनों पक्षों ने सकारात्मक रुख अपनाया है और “हम कोई दुश्मन नहीं हैं।”

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद CJP ने वापस लिया मार्च

CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि केंद्र सरकार के आश्वासन और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च वापस लेने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और दोनों पक्षों के वकीलों का आभार जताते हुए उम्मीद जताई कि अदालत के आदेश का समयबद्ध तरीके से पालन किया जाएगा।

पीड़ित परिवारों को मुआवजे पर भी कोर्ट का बड़ा निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के मुद्दे पर भी अहम निर्देश दिया है।

सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के अपने वादे पर कायम है। हालांकि, मुआवजे की प्रक्रिया और तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र ने तीन महीने का समय मांगा।