भवानीपुर से विधायक रहेंगे शुभेंदु अधिकारी, नंदीग्राम सीट छोड़ी; विधानसभा में शपथ ग्रहण
कोलकाता I Suvendu Adhikari ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा और रणनीतिक फैसला लेते हुए भवानीपुर विधानसभा सीट से विधायक बने रहने का निर्णय लिया है, जबकि उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ने का ऐलान कर दिया। बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह के दौरान यह घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना रहा।
विधानसभा परिसर में आयोजित समारोह में सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण से पहले संविधान निर्माता Dr. B. R. Ambedkar की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद विधायकों को औपचारिक रूप से गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया। प्रोटेम स्पीकर Tapas Roy की मौजूदगी में शपथ ग्रहण की प्रक्रिया संपन्न हुई।
2021 से 2026 तक राजनीतिक संघर्ष का केंद्र रही नंदीग्राम
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पूरे देश की राजनीति का केंद्र बनी थी। यहां भाजपा नेता Suvendu Adhikari ने तत्कालीन मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को कड़े मुकाबले में हराया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की थी।
अब 2026 के चुनाव में एक बार फिर भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटें सुर्खियों में रहीं, जहां शुभेंदु अधिकारी ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक ताकत का बड़ा संदेश दिया।
भवानीपुर सीट को चुना, नंदीग्राम छोड़ेंगे
शपथ ग्रहण के बाद साफ हो गया कि शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर सीट से विधायक बने रहेंगे। उनके इस फैसले के बाद नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव की संभावना तेज हो गई है। राजनीतिक जानकार इसे पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत मान रहे हैं।
राजनीतिक असर पर बढ़ी चर्चा
विशेषज्ञों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी का यह निर्णय केवल सीट चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की भविष्य की राजनीतिक रणनीति और सत्ता संतुलन से भी जुड़ा हुआ है। भवानीपुर सीट से विधायक बने रहने का फैसला आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।
