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Swami Avimukateshwaranand: 'सिंधु नदी का पानी रोकना असंभव, 20 साल लगेंगे, जनता को मूर्ख न बनाए सरकार'

 
Swami Avimukateshwaranand: 'सिंधु नदी का पानी रोकना असंभव, 20 साल लगेंगे, जनता को मूर्ख न बनाए सरकार'
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हरिद्वार I जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukateshwaranand) सरस्वती ने भारत सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार के सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले को जनता को भ्रमित करने वाला कदम बताते हुए कहा कि आतंकी हमले के जिम्मेदारों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार से सीमा पार बैठे आतंक के आकाओं को सबक सिखाने के लिए युद्ध की तैयारी करने की भी मांग की।

Swami Avimukateshwaranand: 'सिंधु नदी का पानी रोकना असंभव, 20 साल लगेंगे, जनता को मूर्ख न बनाए सरकार'

Swami Avimukateshwaranand ने कहा, "बार-बार पानी बंद करने की बात होती है, लेकिन क्या यह वाकई संभव है? पानी रोकने की धमकी से आतंकी हमले रुकने वाले नहीं। सरकार को अब सीधी और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जिनकी नाकामी से यह हमला हुआ, उन्हें तत्काल पकड़ा जाए। अगर मेरे बस में होता, तो अब तक जिम्मेदारों का गला पकड़ लिया होता।" उन्होंने आगे कहा कि पहलगाम हमले ने पूरे 140 करोड़ भारतीयों का खून खौला दिया है और देश की जनता सरकार के साथ खड़ी है।

गोमाता संरक्षण के लिए 33 करोड़ मतदाता तैयार करने का लक्ष्य
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukateshwaranand) ने गोमाता के संरक्षण को लेकर भी अपनी मुहिम को तेज करने की बात कही। उन्होंने बताया कि गोमाता की रक्षा के लिए 33 करोड़ मतदाता तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र में एक 'गो सांसद' नियुक्त किया जा रहा है, जिन्हें मतदाता चुनकर संसद में भेजेंगे। उन्होंने कहा, "गोमाता का सच्चा संरक्षण तभी संभव है, जब गोसेवा को संसद में मजबूती मिले।" उन्होंने देसी गाय, जिसे 'रामा गाय' का नाम दिया गया है, के संरक्षण का आह्वान भी किया।

हरिद्वार रवाना, बद्रीनाथ-केदारनाथ के पट खुलवाएंगे
अपने संबोधन के बाद Swami Avimukateshwaranand ने भक्तों को आशीर्वाद दिया और दोपहर को सड़क मार्ग से हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। हरिद्वार पहुंचकर वे बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के पट खुलवाने की प्रक्रिया में भाग लेंगे। उनके इस कदम से भक्तों में उत्साह का माहौल है।