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Jantar Mantar Case: सिर फोड़ने का दावा करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज की बढ़ी मुश्किलें, 1 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

जंतर-मंतर पर नाबालिग छात्रा के पिता से मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। मामले में पुलिस ने SC/ST एक्ट और POCSO समेत कई धाराएं जोड़ी हैं।
 
Jantar Mantar Case
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नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर एक नाबालिग स्टूडेंट एक्टिविस्ट के पिता से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। रविवार, 6 सितंबर को उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां कोर्ट ने एक दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी का आदेश दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, स्वतंत्र भारद्वाज को अब सोमवार, 7 सितंबर को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। अगली सुनवाई में अदालत मामले से जुड़े पक्षों की दलीलें सुनेगी।

पॉडकास्ट में ‘सिर फोड़ने’ का किया था दावा

स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें उसने कथित तौर पर दावा किया था कि जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान उसने एक नाबालिग महिला स्टूडेंट एक्टिविस्ट के पिता का ‘सिर फोड़ दिया’ था।

वीडियो सामने आने के बाद उसकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई थी। आरोप है कि CJP के प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने नाबालिग छात्रा के पिता के साथ मारपीट की थी।

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार, 4 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से हिरासत में लिया था। इसके बाद शनिवार, 5 सितंबर को उसकी गिरफ्तारी की गई। उसी दिन अदालत ने उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया था।

वकील ने पुलिस रिमांड पर उठाए सवाल

स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस रिमांड दिए जाने पर CJP प्रदर्शनकारी छात्रा के वकील ऋषभ रंजन ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने पुलिस की ओर से मांगी गई एक दिन की हिरासत पर सवाल उठाते हुए इसे ‘बहुत अजीब’ बताया था।

ऋषभ रंजन के मुताबिक, सभी लोग कोर्ट में मौजूद थे और सुनवाई शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि भारद्वाज के वकील वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और आरोपी को जज के सामने उनके घर पर पेश किया गया। वकील ने यह सवाल भी उठाया कि इतने गंभीर आरोप वाले मामले में पुलिस ने सिर्फ एक दिन की हिरासत क्यों मांगी।

FIR में SC/ST एक्ट और POCSO की धाराएं

मामले के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज FIR में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी SC/ST एक्ट समेत अन्य धाराएं जोड़ीं।

इसके अलावा, नाबालिग छात्रा के कथित उत्पीड़न से जुड़े आरोपों को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत अलग FIR दर्ज की गई है। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। कोर्ट में अगली सुनवाई के दौरान आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

राजनीतिक कनेक्शन का भी किया था दावा

वायरल पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने राजनीतिक संबंध होने का भी दावा किया था। उसने दिल्ली की करावल नगर सीट से बीजेपी नेता कपिल मिश्रा को अपना ‘बड़ा भाई’ बताया था। इसके अलावा उसने केंद्रीय गृह मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान को भी अपना ‘बड़ा भाई’ बताया।

वीडियो में उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपना कनेक्शन होने का दावा किया था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस और CJP से जुड़े कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी थी। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने भी उसके कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर बीजेपी नेताओं से जवाब मांगा था। अब मामले में सबकी नजर 7 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर है, जहां कोर्ट इस केस से जुड़े पक्षों को सुनेगा।