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तमिलनाडु के बड़े मंदिरों में अब मोबाइल बैन, ₹5 में होगा फोन जमा; जानें नया नियम और वजह

तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लागू हो गई है। HR&CE ने मद्रास हाई कोर्ट के निर्देश के तहत यह व्यवस्था शुरू की है। श्रद्धालुओं को मंदिर के बाहर मोबाइल जमा करना होगा, जिसके लिए ₹5 शुल्क लिया जाएगा। जानिए नया नियम, वजह और जरूरी जानकारी।

 
तमिलनाडु
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चेन्नई: तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों में दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मोबाइल फोन से जुड़ा नया नियम लागू हो गया है। हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (HR&CE) ने मंदिरों के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगा दी है। श्रद्धालुओं को अब प्रवेश से पहले निर्धारित काउंटर पर अपना फोन जमा करना होगा। इसके लिए प्रति मोबाइल ₹5 शुल्क लिया जाएगा और फोन जमा करने के बाद पावती या टोकन दिया जाएगा।

यह व्यवस्था मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि मोबाइल फोन के जरिए फोटो, वीडियो, सेल्फी और सोशल मीडिया रील बनाने की बढ़ती गतिविधियों से मंदिरों का शांत और आध्यात्मिक माहौल प्रभावित हो रहा था।

मंदिर में मोबाइल ले गए तो बाहर ही करना होगा जमा

नए नियम के मुताबिक श्रद्धालु मोबाइल फोन लेकर मंदिर तक आ सकते हैं, लेकिन उसे मंदिर के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश द्वार पर बनाए गए निर्धारित काउंटर पर फोन जमा करना होगा।

प्रति फोन ₹5 का समान शुल्क लिया जाएगा। मोबाइल जमा करने के बाद श्रद्धालु को रसीद या टोकन मिलेगा। दर्शन पूरा होने के बाद इसी पावती के आधार पर फोन वापस किया जाएगा।

कांचीपुरम के मंदिर में शुरू हुई नई व्यवस्था

कांचीपुरम के प्रसिद्ध देवराजस्वामी-अथी वरदार मंदिर में मंगलवार सुबह छह बजे से मोबाइल जमा करने की व्यवस्था शुरू कर दी गई। यहां फोन जमा कराने के लिए दो कंप्यूटर ऑपरेटर और दो सहायक तैनात किए गए हैं।

मोबाइल जमा करते समय श्रद्धालु की तस्वीर ली जाती है। इसके अलावा फोन का मॉडल और मोबाइल नंबर भी रिकॉर्ड किया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद श्रद्धालु को पावती दी जाती है। दर्शन के बाद पावती और दर्ज विवरण का मिलान करने के बाद मोबाइल वापस किया जाता है।

मंदिर और पार्किंग क्षेत्र समेत प्रमुख स्थानों पर कई भाषाओं में सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी नियम की जानकारी आसानी से मिल सके।

फोटो और रील्स बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति बनी वजह

HR&CE के मुताबिक, मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा था। खासकर युवा श्रद्धालुओं के बीच सेल्फी, फोटो, वीडियो और सोशल मीडिया रील्स बनाने का चलन बढ़ा है।

विभाग का कहना है कि ऐसी गतिविधियों से मंदिर की धार्मिक गरिमा और शांत वातावरण प्रभावित होता है। साथ ही पूजा-पाठ और दर्शन के लिए आने वाले दूसरे श्रद्धालुओं को भी परेशानी होती है। इसी वजह से मोबाइल फोन को मंदिर परिसर में ले जाने पर ही रोक लगाने का फैसला किया गया है।

2022 में मद्रास हाई कोर्ट ने दिया था आदेश

मोबाइल पर रोक का फैसला अचानक नहीं लिया गया है। HR&CE के अनुसार, यह व्यवस्था 2 दिसंबर 2022 को मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच के आदेश के अनुरूप लागू की जा रही है।

यह मामला तिरुचेंदूर स्थित अरुलमिगु सुब्रमणिया स्वामी मंदिर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया था। इसके बाद विभाग की ओर से मंदिरों में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक और श्रद्धालुओं के फोन सुरक्षित रखने के लिए व्यवस्था करने संबंधी निर्देश भी जारी किए गए थे।

विधानसभा में पहले ही हो चुका था ऐलान

तमिलनाडु के HR&CE मंत्री रमेश ने विधानसभा में घोषणा की थी कि 1 सितंबर से राज्य के प्रमुख मंदिरों में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा। अब इस घोषणा को लागू कर दिया गया है।

मंदिर प्रशासन को प्रवेश द्वार और परिसर के बाहर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पब्लिक एड्रेस सिस्टम यानी लाउडस्पीकर के जरिए भी श्रद्धालुओं को मोबाइल प्रतिबंध की जानकारी दी जाएगी।

सिर्फ फोटो खींचने पर नहीं, फोन ले जाने पर रोक

नए नियम को केवल कैमरा इस्तेमाल करने पर रोक समझना सही नहीं होगा। निर्देश के अनुसार मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर ही प्रतिबंध है।

इसका उद्देश्य फोटो और वीडियो बनाने के साथ-साथ सेल्फी और सोशल मीडिया कंटेंट शूट करने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना भी है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इससे धार्मिक वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी और श्रद्धालुओं को भी शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन करने का अवसर मिलेगा।

दर्शन से पहले श्रद्धालु रखें इन बातों का ध्यान

तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों में जाने वाले श्रद्धालुओं को अब मोबाइल फोन के लिए पहले से तैयारी करनी होगी। यदि मोबाइल साथ ले जा रहे हैं तो मंदिर के निर्धारित काउंटर पर उसे जमा करना होगा। ₹5 शुल्क देकर पावती लेना जरूरी होगा, क्योंकि दर्शन के बाद इसी के आधार पर फोन वापस मिलेगा।

मंदिर प्रशासन की ओर से प्रवेश द्वार, पार्किंग और अन्य प्रमुख स्थानों पर नियमों की जानकारी दी जा रही है। लाउडस्पीकर के जरिए भी घोषणाएं की जाएंगी।