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पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरों पर सरकार का बड़ा बयान, स्थिति पूरी तरह सामान्य

 
पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरों पर सरकार का बड़ा बयान, स्थिति पूरी तरह सामान्य
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New Delhi : देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि भारत में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है।पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है।

मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे जानबूझकर फैलाए जा रहे भ्रामक और समन्वित अभियान से गुमराह न हों और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

पेट्रोल-डीजल: न कोई कमी, न राशनिंग

सरकार के मुताबिक देशभर के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से खुले हैं और कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है। किसी भी पेट्रोल पंप को राशनिंग का निर्देश नहीं दिया गया है और बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। मंत्रालय ने बताया कि कुछ जगहों पर जो भीड़ देखने को मिली, वह सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों का असर थी। ऑयल कंपनियों ने सप्लाई बढ़ाकर स्थिति को सामान्य कर दिया है।

कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर नहीं

मध्य पूर्व में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी चिंताओं के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है। मंत्रालय के अनुसार भारत को 41 से अधिक देशों से कच्चा तेल मिल रहा है। देश की रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं और तेल कंपनियों ने अगले 60 दिनों की कच्चे तेल की आपूर्ति पहले से सुनिश्चित कर ली है।

स्टॉक को लेकर फैली खबरें गलत

सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उस खबर को भी खारिज किया है जिसमें कहा जा रहा था कि देश में सिर्फ छह दिन का ईंधन स्टॉक बचा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत के पास करीब 60 दिनों का स्टॉक कवर मौजूद है, जबकि कुल मिलाकर लगभग 74 दिनों का रिजर्व उपलब्ध है, जिसमें कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और रणनीतिक भंडार शामिल हैं।

LPG और PNG को लेकर भी स्थिति सामान्य

सरकार ने एलपीजी की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है। घरेलू रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और दैनिक उत्पादन करीब 50 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। वहीं आयात की जरूरत घटकर लगभग 30 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन रह गई है। सरकार के अनुसार करीब 8 लाख मीट्रिक टन एलपीजी के आयातित कार्गो रास्ते में हैं। देश में रोजाना 50 लाख से अधिक गैस सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है और मांग अब सामान्य स्तर पर लौट रही है।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देना कोई आपात कदम नहीं है, बल्कि सस्ती, सुरक्षित और स्वच्छ ऊर्जा की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।

अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी

सरकार ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो, पुराने फुटेज और गलत जानकारी फैलाकर लोगों में डर पैदा किया जा रहा है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें।