फ्लाइट में इस पावर बैंक पर लगा बैन, सफर करने से पहले चेक कर ले ये मॉडल नंबर
नई दिल्ली। हवाई यात्रा के दौरान मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल आम हो गया है। लेकिन इन्हीं गैजेट्स को पावर देने वाला एक छोटा-सा पावर बैंक विमान में सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने MOBIKINS कंपनी के एक खास मॉडल MK-PB-04 को भारत आने-जाने वाली और देश के भीतर संचालित होने वाली उड़ानों में ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह रोक यात्री सामान के साथ-साथ कार्गो पर भी लागू है।
यह फैसला इंडिगो की दिल्ली से चेन्नई जा रही फ्लाइट में पावर बैंक में आग लगने की घटना के बाद सामने आया। हालांकि, प्रतिबंध सभी पावर बैंकों पर नहीं, बल्कि केवल इसी विशेष मॉडल पर लगाया गया है।
इंडिगो की फ्लाइट में क्या हुआ था?
11 अक्टूबर 2026 को इंडिगो की फ्लाइट 6E 6115 दिल्ली से चेन्नई जा रही थी। इसी दौरान विमान के ओवरहेड लगेज कंपार्टमेंट में रखे एक यात्री के पावर बैंक में आग लग गई और धुआं उठने लगा। स्थिति को देखते हुए विमान को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर डायवर्ट किया गया।
विमान ने हैदराबाद में सुरक्षित लैंडिंग की। घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं आई, लेकिन इसने उड़ान के दौरान लिथियम बैटरी से जुड़े जोखिमों को एक बार फिर सामने ला दिया।
सिर्फ MOBIKINS MK-PB-04 पर प्रतिबंध
DGCA ने 29 सितंबर को जारी निर्देश में MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल को किसी भी विमान में ले जाने या परिवहन करने पर रोक लगाने की बात कही। यह प्रतिबंध भारत के भीतर, भारत से बाहर जाने वाली और भारत आने वाली उड़ानों पर लागू है।
यात्रियों के लिए यह समझना जरूरी है कि इसका मतलब सभी कंपनियों के पावर बैंक पर प्रतिबंध नहीं है। अन्य पावर बैंक भी संबंधित सुरक्षा नियमों और एयरलाइन की शर्तों के अधीन ही ले जाए जा सकते हैं।
इसलिए यात्रा से पहले अपने पावर बैंक का मॉडल नंबर जरूर जांच लें। यदि आपके पास प्रतिबंधित मॉडल है, तो उसे हवाई यात्रा में साथ न ले जाएं।
पावर बैंक में आग क्यों लग सकती है?
स्मार्टफोन, लैपटॉप और पावर बैंक में आमतौर पर लिथियम-आयन बैटरियों का इस्तेमाल होता है। ये कम जगह में ज्यादा ऊर्जा स्टोर कर सकती हैं, लेकिन इनके क्षतिग्रस्त होने, आंतरिक शॉर्ट सर्किट या अत्यधिक गर्म होने पर आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है।
ऐसी स्थिति में बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। इस प्रक्रिया को 'थर्मल रनअवे' कहा जाता है। इससे धुआं, आग और खतरनाक गैसें निकल सकती हैं। आग बुझने के बाद दोबारा सुलगने का जोखिम भी बना रहता है।
विमान के सीमित केबिन में ऐसी घटना यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए गंभीर चुनौती पैदा कर सकती है। इसीलिए बैटरी से चलने वाले उपकरणों को लेकर विमानन सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
हवाई सफर में पावर बैंक को लेकर इन बातों का रखें ध्यान
1. पावर बैंक हैंड बैगेज में रखें: पावर बैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरियों को आमतौर पर केबिन बैगेज में ही ले जाने की अनुमति होती है। इन्हें चेक-इन बैगेज में न रखें।
2. ओवरहेड बिन में रखने से बचें: पावर बैंक को ऐसी जगह रखें जहां वह आसानी से दिखाई दे और जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाला जा सके। एयरलाइन के निर्देशों का पालन करें।
3. फ्लाइट में चार्जिंग के नियम जांचें: पावर बैंक से मोबाइल चार्ज करने या विमान के USB पोर्ट से पावर बैंक चार्ज करने पर एयरलाइन के प्रतिबंध लागू हो सकते हैं। उड़ान के दौरान इनका इस्तेमाल न करें और क्रू के निर्देशों का पालन करें।
4. क्षतिग्रस्त बैटरी साथ न ले जाएं: फूली हुई, टूटी या असामान्य रूप से गर्म होने वाली बैटरी का इस्तेमाल न करें। ऐसी स्थिति में एयरलाइन के कर्मचारियों को जानकारी दें।
5. खरीदते समय प्रमाणन जांचें: पावर बैंक खरीदते समय विश्वसनीय ब्रांड, सही मॉडल और लागू सुरक्षा प्रमाणन की जानकारी जांचें।
यात्रियों के लिए क्या है जरूरी?
DGCA का यह कदम विमान में बैटरी से जुड़ी आग की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन यात्रा से पहले अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के नियमों की जानकारी रखना जरूरी है।
सबसे अहम बात यह है कि MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल को किसी भी भारतीय घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ान में न ले जाएं। दूसरे पावर बैंकों के लिए भी संबंधित नियमों और एयरलाइन के निर्देशों का पालन करें।
