बिहार में दर्दनाक नाव हादसा: 13 बच्चों की मौत, PM मोदी और CM सम्राट ने किया मुआवजे का ऐलान
बिहार के वैशाली जिले में मंगलवार की शाम एक दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। राघोपुर थाना क्षेत्र की रामपुर श्यामचंद पंचायत में गंगा की छोटी धारा में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। मृतकों में 10 बच्चियां शामिल हैं। हादसे के वक्त नाव पर करीब 20 से 25 लोग सवार थे, जो भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के पास आयोजित श्राद्ध भोज में शामिल होने जा रहे थे। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
छह लोगों की क्षमता वाली नाव पर सवार थे 20 से 25 लोग
जानकारी के मुताबिक, रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला में सिंघेश्वर राय के यहां श्राद्ध भोज का आयोजन किया गया था। इसमें शामिल होने के लिए गांव के करीब 20 से 25 लोग नाव पर सवार होकर गंगा की छोटी धारा के दूसरी ओर जा रहे थे। इनमें अधिकांश बच्चे और युवा थे। घटनास्थल से दूसरी ओर की दूरी करीब 150 मीटर बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि नाव की क्षमता केवल छह लोगों की थी, लेकिन उस पर तीन से चार गुना अधिक लोग सवार हो गए। बीच धारा में पहुंचते ही नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। देखते ही देखते नाव पर सवार लोग पानी में डूबने लगे। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और लोगों को बचाने में जुट गए।
अंधेरे में मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में चला बचाव अभियान
हादसे के समय अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में काफी परेशानी हुई। ग्रामीणों ने मोबाइल फोन और टॉर्च की रोशनी में पानी में उतरकर डूब रहे लोगों की तलाश शुरू की। पानी से निकाले गए बच्चों को ग्रामीण कंधों और खटिया की मदद से सड़क तक लेकर पहुंचे। इसके बाद उन्हें राघोपुर फतेहपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद 13 बच्चों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम ने भी अभियान चलाया।
हादसे के पीछे ओवरलोडिंग समेत तीन लापरवाही की आशंका
इस हादसे के पीछे तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं। हालांकि, इनकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पहली लापरवाही: क्षमता से अधिक लोग सवार होना। छह लोगों की क्षमता वाली नाव पर 20 से 25 लोगों के सवार होने की बात सामने आई है। अधिक वजन के कारण नाव का संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
दूसरी लापरवाही: रात में नाव से सफर। हादसा मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे हुआ। अंधेरा होने के कारण नाव पर सवार लोगों को संभलने और बचाव करने का पर्याप्त मौका नहीं मिल पाया।
तीसरी लापरवाही: जर्जर नाव का इस्तेमाल। ग्रामीणों के अनुसार, हादसे में इस्तेमाल की गई नाव की स्थिति ठीक नहीं थी। बताया गया कि बाढ़ के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए अंचल कार्यालय की ओर से नाव उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, नाव की वास्तविक स्थिति और हादसे के कारणों की आधिकारिक जांच के नतीजे सामने आना बाकी हैं।
डीएम ने 13 मौतों की पुष्टि की, सात लोगों को पटना भेजा गया
वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) रेफर किया गया है। हादसे के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया। घटनास्थल पर एसडीआरएफ की टीम भी लोगों की तलाश और बचाव अभियान में जुटी रही।
तीन सगी बहनों समेत 13 बच्चों की मौत
इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चे रामपुर श्यामचंद गांव के रहने वाले बताए गए हैं। मृतकों की सूची में तीन सगी बहनें भी शामिल हैं। हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।
मृतकों के नाम इस प्रकार हैं:
* सुनीता कुमारी (13), पिता राज किशोर राय
* अमृता कुमारी (16), पिता राज किशोर राय
* अंकिता कुमारी (6), पिता राज किशोर राय
* मीरा कुमारी (12), पिता रामनरेश राय
* निशु कुमारी, पिता सत्येंद्र राय
* अनिशा कुमारी (18), पिता सुरेंद्र राय
* आर्यन कुमार, पिता गांधी राय
* मोहन कुमार (14), पिता अखिलेश राय
* पिंकी कुमारी (13), पिता डोगन राय
* नमन कुमार (10), पिता मुकेश राय
* सिकी कुमारी (16), पिता सुरेश राय
* भोनू कुमारी (12), पिता रामप्रवेश राय
* सोनम कुमारी, पिता नरेश राय
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चार-चार लाख रुपये की सहायता की घोषणा की
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेजी से पूरा करने और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आर्थिक सहायता का किया एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैशाली में हुए नाव हादसे पर दुख जताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का एलान किया गया।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने, सुरक्षा इंतजामों और रात में नदी पार करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
