मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच फ्लाइट से सफर करना होगा महंगा, Air India के बाद इंडिगो ने टिकटों पर लगाया फ्यूल सरचार्ज
Mar 14, 2026, 09:48 IST
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब भारत की हवाई यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद यात्रियों को अब हवाई यात्रा के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
एयरलाइन के अनुसार आज से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों पर यह अतिरिक्त शुल्क लागू किया जाएगा। यह फ्यूल सरचार्ज उड़ान की दूरी और रूट के आधार पर तय होगा। जानकारी के मुताबिक यात्रियों को करीब 425 रुपये से लेकर 2300 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बना कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran से जुड़े हालात की वजह से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसका सीधा असर एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन की कीमतों पर पड़ा है।
एयरलाइन कंपनियों के कुल संचालन खर्च में ईंधन का हिस्सा करीब 30 से 40 प्रतिशत तक होता है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से कंपनियों का खर्च काफी बढ़ जाता है, जिसे संतुलित करने के लिए टिकटों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है।
एयरलाइंस पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। इससे जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ी हैं और एयरलाइंस के संचालन की लागत भी बढ़ गई है। कई एयरलाइंस को अपने उड़ान मार्ग भी बदलने पड़े हैं, जिससे दूरी और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
इससे पहले Air India भी फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा कर चुकी है। माना जा रहा है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो अन्य एयरलाइंस भी इसी तरह का कदम उठा सकती हैं।
यात्रियों की जेब पर पड़ेगा असर
फ्यूल सरचार्ज लागू होने के बाद आने वाले दिनों में हवाई यात्रा महंगी हो सकती है। खासकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकट बुक करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।
हालांकि एयरलाइंस का कहना है कि यह फैसला मजबूरी में लिया गया है, क्योंकि बढ़ती ईंधन लागत के बीच बिना अतिरिक्त शुल्क के उड़ानों का संचालन करना आर्थिक रूप से मुश्किल हो सकता है। यदि वैश्विक तेल बाजार में स्थिति सामान्य होती है तो भविष्य में इस शुल्क की समीक्षा भी की जा सकती है
एयरलाइन के अनुसार आज से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों पर यह अतिरिक्त शुल्क लागू किया जाएगा। यह फ्यूल सरचार्ज उड़ान की दूरी और रूट के आधार पर तय होगा। जानकारी के मुताबिक यात्रियों को करीब 425 रुपये से लेकर 2300 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बना कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran से जुड़े हालात की वजह से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसका सीधा असर एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन की कीमतों पर पड़ा है।
एयरलाइन कंपनियों के कुल संचालन खर्च में ईंधन का हिस्सा करीब 30 से 40 प्रतिशत तक होता है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से कंपनियों का खर्च काफी बढ़ जाता है, जिसे संतुलित करने के लिए टिकटों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है।
एयरलाइंस पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। इससे जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ी हैं और एयरलाइंस के संचालन की लागत भी बढ़ गई है। कई एयरलाइंस को अपने उड़ान मार्ग भी बदलने पड़े हैं, जिससे दूरी और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
इससे पहले Air India भी फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा कर चुकी है। माना जा रहा है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो अन्य एयरलाइंस भी इसी तरह का कदम उठा सकती हैं।
यात्रियों की जेब पर पड़ेगा असर
फ्यूल सरचार्ज लागू होने के बाद आने वाले दिनों में हवाई यात्रा महंगी हो सकती है। खासकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकट बुक करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।
हालांकि एयरलाइंस का कहना है कि यह फैसला मजबूरी में लिया गया है, क्योंकि बढ़ती ईंधन लागत के बीच बिना अतिरिक्त शुल्क के उड़ानों का संचालन करना आर्थिक रूप से मुश्किल हो सकता है। यदि वैश्विक तेल बाजार में स्थिति सामान्य होती है तो भविष्य में इस शुल्क की समीक्षा भी की जा सकती है
