शाही मस्जिद विवाद में क्यों मचा बवाल? 15 गिरफ्तार, 8 FIR और 2500 जवान तैनात; समझें पूरा मामला
उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन की शाही मस्जिद के सड़क की जद में आ रहे हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर सोमवार को हंगामा हो गया। मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया के दौरान भीड़ और पुलिस के बीच झड़प हुई और पुलिस पर पथराव किया गया। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। अब इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और शेष कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आगे बढ़ाई जाएगी।
15 मीटर चौड़ी होगी सड़क, मस्जिद का कितना हिस्सा प्रभावित?
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना पर काम चल रहा है। इसी प्रस्तावित सड़क के अलाइनमेंट में शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा आ रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मस्जिद का करीब 9 से 11 फीट हिस्सा सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच सहमति के बाद प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। बड़ी मीनार को दूसरी ओर शिफ्ट करने और प्रभावित दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आई है।
कैसे बिगड़ा माहौल?
28 सितंबर को मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ लोग खुद इस हिस्से को हटाने की प्रक्रिया में शामिल थे। इसी दौरान सोशल मीडिया पर मस्जिद को पूरी तरह गिराए जाने और बुलडोजर पहुंचने की बातें प्रसारित होने लगीं।
इसके बाद मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की तो पथराव शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।
8 FIR, 15 गिरफ्तार; सोशल मीडिया पर भी कार्रवाई
हंगामे के बाद पुलिस ने कई मामले दर्ज किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार अब तक 8 FIR दर्ज की गई हैं और 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भ्रामक सामग्री फैलाने वाले पांच अकाउंट के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है और 100 से ज्यादा कंटेंट हटाए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करने की अपील की है।
हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ तक पहुंचा था। 9 सितंबर को अदालत ने पहले दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के खिलाफ राहत नहीं दी थी। अदालत के समक्ष प्रशासन ने सिंहस्थ के दौरान यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा को कार्रवाई का आधार बताया था।
28 सितंबर को भी मामले से जुड़ी अपील पर हाईकोर्ट ने प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते को रिकॉर्ड में लेते हुए मामले का निपटारा किया।
मस्जिद कमेटी का क्या कहना है?
मस्जिद पक्ष की ओर से तर्क दिया गया था कि यह एक पुरानी धार्मिक इमारत है और इसके प्रार्थना कक्ष, मीनार तथा अन्य हिस्सों को हटाने से धार्मिक अधिकार प्रभावित होंगे। कमेटी की ओर से सड़क चौड़ीकरण के लिए वैकल्पिक अलाइनमेंट या मस्जिद को प्रभावित किए बिना आसपास के ढांचों को हटाने का विकल्प सुझाया गया था।
हालांकि, अदालत के समक्ष हुई प्रक्रिया और बाद में प्रशासन तथा मस्जिद कमेटी के बीच बने समझौते के बाद प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ी।
कितनी पुरानी है शाही मस्जिद?
मस्जिद के इमाम और प्रबंधन की ओर से इसके निर्माण का समय करीब 1390 ईस्वी बताया जाता है। इस आधार पर इसे करीब 636 साल पुराना बताया जा रहा है। हालांकि, इस सटीक निर्माण वर्ष की स्वतंत्र ऐतिहासिक पुष्टि को लेकर सार्वजनिक रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में मस्जिद को 14वीं शताब्दी के अंत की ऐतिहासिक इमारत के रूप में बताया गया है।
मस्जिद उज्जैन के पुराने बाजार क्षेत्र में छतरी चौक-कंठाल इलाके में स्थित है। इसका स्थान गोपाल मंदिर और आगे महाकाल क्षेत्र की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर है।
सड़क चौड़ीकरण की जरूरत क्यों बताई जा रही है?
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए शहर के कई हिस्सों में सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर करने का काम चल रहा है। शाही मस्जिद के सामने वाला मार्ग भी इसी योजना का हिस्सा है।
अदालत में प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण को यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा से जोड़ते हुए अपना पक्ष रखा था। इस सड़क पर पहले भी कई धार्मिक और अन्य संरचनाओं के प्रभावित होने का उल्लेख अदालत की कार्यवाही में आया था।
आगे क्या होगा?
प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के आधार पर अब सड़क की जद में आने वाले हिस्से को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बड़ी मीनार को हटाने के बजाय दूसरी ओर शिफ्ट करने की योजना है। प्रभावित दुकानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और नियमानुसार FAR तथा TDR से जुड़ी सुविधाओं की बात भी सामने आई है।
फिलहाल इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 2,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। RAF समेत सुरक्षा बल संवेदनशील इलाकों में मौजूद हैं और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
शहर काजी और अन्य स्थानीय जिम्मेदार लोगों की ओर से भी लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन का फोकस अब सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए पूरा कराने पर है।
