Union Budget 2026 : क्या हुआ सस्ता, क्या महंगा? जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर
Union Budget 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार बजट पेश किया। टैक्स में राहत नहीं मिली, लेकिन जूते, कपड़े, कैंसर की दवाएं, EV बैटरी और सोलर उत्पाद सस्ते हुए, जबकि शराब और स्क्रैप महंगे हो गए।
Union Budget 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। बजट में जहां टैक्स स्लैब को लेकर कोई बड़ी राहत नहीं दी गई, वहीं आम लोगों के लिए कुछ बड़ी राहत और कुछ झटके जरूर देखने को मिले हैं। चमड़े के जूते, कपड़े और निर्यात से जुड़ी कई वस्तुएं सस्ती हुई हैं, जबकि शराब, मिनरल्स और स्क्रैप महंगे हो गए हैं।
इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ऐसे समय में पेश किया गया है, जब भारत को अमेरिकी टैरिफ, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनावों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार ने कृषि, रक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में संतुलित आवंटन करने की कोशिश की है। बजट 2026-27 को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट
बजट में घोषणा की गई कि 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा। हालांकि, इस बार टैक्स स्लैब या दरों में किसी तरह की अतिरिक्त छूट का ऐलान नहीं किया गया। इससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहत की उम्मीद भले पूरी न हुई हो, लेकिन सरकार ने अन्य मोर्चों पर राहत देने का प्रयास किया है।
क्या-क्या हुआ महंगा?
बजट 2026 में कुछ वस्तुओं की कीमतें बढ़ने जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं-
• मिनरल्स
• स्क्रैप
• शराब
शराब पर बढ़े टैक्स का सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।
क्या-क्या हुआ सस्ता? (पूरी सूची)
वित्त मंत्री ने बजट में कई जरूरी और आम उपयोग की चीजों को सस्ता करने का ऐलान किया है-
• चमड़ा (Leather)
• कपड़ा
• सिंथेटिक फुटवियर
• जूते
• चमड़े और कपड़े का निर्यात
• माइक्रोवेव ओवन
• सोलर एनर्जी से जुड़ी वस्तुएं
• सोलर ग्लास
• EV बैटरी
• एयरक्राफ्ट निर्माण से जुड़ी चीजें
• विमानों का ईंधन
• विदेशी यात्रा
• बायोगैस मिक्स्ड CNG
• मिक्स्ड गैस CNG
• कैंसर की 17 दवाएं
• शुगर (डायबिटीज) की दवाएं
इन घोषणाओं से स्वास्थ्य, ग्रीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में क्या कहा गया था?
बजट से पहले पेश हुए इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत और कमजोर दोनों तस्वीर सामने आई थी। सर्वे के अनुसार-
• भारत को अपनी वर्किंग-एज आबादी का लाभ मिल रहा है
• हेल्थ सेक्टर और रोजगार सृजन अब भी बड़ी चुनौतियां हैं
• वित्त वर्ष 2026-27 में GDP ग्रोथ 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान जताया गया था
इन्हीं अनुमानों ने बजट को लेकर उम्मीदें और बढ़ा दी थीं।
बजट से पहले की परंपरा निभाई गई
बजट पेश होने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति भवन पहुंचीं, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बजट की जानकारी दी। परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति ने उन्हें दही-चीनी खिलाकर शुभकामनाएं दीं। इसके बाद सुबह 11 बजे संसद में बजट भाषण शुरू हुआ।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
कुल मिलाकर बजट 2026 का असर केवल टैक्स तक सीमित नहीं है। इसका सीधा प्रभाव- रसोई के सामान, इलाज की लागत, निवेश, रोजगार, बचत पर पड़ने वाला है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह बजट आम आदमी को कितनी राहत देता है और किन मोर्चों पर महंगाई का दबाव बना रहता है।
यह बजट ऐसे समय में आया है जब घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन वैश्विक हालात चुनौतीपूर्ण हैं। निवेशक और उद्योग जगत यह देख रहा है कि सरकार किस तरह विकास, महंगाई और राजकोषीय घाटे के बीच संतुलन बनाए रखती है।
