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Swine Flu Cases: दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में बढ़े स्वाइ फ्लू के मामले, ICMR ने बताया क्या करें

देश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली में 1,777, उत्तर प्रदेश में 337 और अन्य राज्यों में भी संक्रमित मिले हैं। सरकार ने निगरानी बढ़ाई है। ICMR ने कहा कि यह नया वायरस नहीं है। विशेषज्ञों ने घबराने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
 
Swine Flu Cases
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Swine Flu Cases: देश के कई हिस्सों में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली में अब तक 1,777 H1N1 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश में 337, हरियाणा में 119 और पंजाब में 93 संक्रमित सामने आए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। ICMR के मुताबिक, इस समय फैल रहा H1N1 वायरस कोई नया वेरिएंट नहीं है। यह वायरस 2025 से ही देश में मौजूद है और इसकी लगातार निगरानी की जा रही है।

दिल्ली में सबसे ज्यादा मामले, एक दिन में 114 मरीज

राजधानी दिल्ली में इस साल इंफ्लूएंजा-ए के कुल 2,392 मामले सामने आए हैं। इनमें 1,777 मामले H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के हैं। पिछले साल इसी अवधि में H1N1 के सिर्फ 229 मामले दर्ज किए गए थे। इस लिहाज से इस साल मामलों में करीब आठ गुना बढ़ोतरी हुई है।

20 अगस्त को दिल्ली में एक ही दिन में H1N1 के 114 नए मामले सामने आए। इसके अलावा H3N2 के 138 और H1 के 37 मामलों की भी पुष्टि हुई है।

यूपी में 337 मामले, NCR के जिलों में ज्यादा असर

उत्तर प्रदेश में अब तक H1N1 के 337 मामले सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इनमें सबसे ज्यादा मामले NCR से जुड़े जिलों में मिले हैं। मेरठ, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में 11 मरीजों का इलाज चल रहा है।

स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

मुंबई में भी तेजी से बढ़े H1N1 के मामले

महाराष्ट्र में भी स्वाइन फ्लू के मामले बढ़े हैं। मुंबई में 15 अगस्त तक H1N1 के 309 मरीज सामने आ चुके थे। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या सिर्फ 72 थी। यानी इस साल मुंबई में भी मामलों में चार गुना से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी H1N1 का एक मामला सामने आया है।

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने की स्थिति की समीक्षा

स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्थिति की समीक्षा की। बैठक में बीमारी की निगरानी, जांच व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारी और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

केंद्र की ओर से राज्यों को निगरानी बढ़ाने और गंभीर मरीजों की जल्द पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।

विशेषज्ञों ने कहा- घबराएं नहीं, लेकिन सावधानी जरूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने मौजूदा स्थिति को लेकर कहा कि यह मानसून के दौरान सामने आने वाला मौसमी इन्फ्लूएंजा है। बेहतर निगरानी और ज्यादा टेस्टिंग के कारण इस बार मामलों की संख्या अधिक दिखाई दे रही है।

उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासतौर पर ज्यादा जोखिम वाले लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और खांसी-जुकाम होने पर जरूरी सावधानी बरतने को कहा गया है।

स्वाइन फ्लू के साथ दूसरी बीमारियों ने भी बढ़ाई चिंता

देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वाइन फ्लू के अलावा दूसरी संक्रामक बीमारियों के मामले भी सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, फिरोजाबाद समेत कई जिलों में डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस, स्क्रब टाइफस और वायरल बुखार के मरीज मिले हैं। इस वजह से स्वास्थ्य विभागों के सामने एक साथ कई बीमारियों की निगरानी और इलाज की चुनौती बढ़ गई है।

केरल में लेप्टोस्पायरोसिस से 63 मौतें

केरल में लेप्टोस्पायरोसिस यानी चूहे के पेशाब से फैलने वाला संक्रमण भी चिंता का कारण बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई तक राज्य में इसके 1,394 मामले सामने आए थे और 63 लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा 932 संदिग्ध मामले भी सामने आए। राज्य में डेंगू के मामलों ने भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ाई है।

क्या है फिलहाल स्थिति?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकारी एजेंसियों के मुताबिक, मौजूदा H1N1 संक्रमण को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। इसे नया वायरस या नया वेरिएंट नहीं बताया गया है। हालांकि, मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए निगरानी और समय पर जांच-इलाज पर जोर दिया जा रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और अन्य उच्च जोखिम वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।