6 महीने में 13 देशों का दौरा, 75 करोड़ खर्च...संसद में सरकार ने पेश किए PM मोदी की विदेश यात्रा के आकड़े
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर होने वाले खर्च को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यसभा में विस्तृत जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2026 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर 74.59 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। वहीं, 2021 से जुलाई 2026 तक कुल खर्च 557.51 करोड़ रुपये रहा है।
यह जानकारी विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के सांसद वी. शिवदासन ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर हुए खर्च का विवरण मांगा था।
इस साल 13 देशों का किया दौरा
सरकार के मुताबिक, जुलाई 2026 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 देशों की यात्रा की। इनमें मलेशिया, इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, इटली, फ्रांस, स्लोवाकिया, सेशेल्स, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं।
नॉर्वे दौरा रहा सबसे महंगा
विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष प्रधानमंत्री के नॉर्वे दौरे पर सबसे अधिक 17.46 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके बाद इजरायल यात्रा पर 11.92 करोड़ रुपये का व्यय दर्ज किया गया।
2021 से अब तक 557.51 करोड़ रुपये खर्च
सरकार ने बताया कि 2021 से जुलाई 2026 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर कुल 557.51 करोड़ रुपये खर्च किए गए। मंत्रालय के अनुसार, पिछले वर्ष सबसे अधिक खर्च फ्रांस दौरे पर हुआ था, जिस पर 25.59 करोड़ रुपये व्यय किए गए।|
UPA सरकार के दौरों का भी दिया गया ब्योरा
जवाब में केंद्र सरकार ने तुलना के लिए यूपीए सरकार के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री की कुछ विदेश यात्राओं का खर्च भी साझा किया। इसके अनुसार:
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अमेरिका (2011): 10.74 करोड़ रुपये
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रूस (2013): 9.95 करोड़ रुपये
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फ्रांस (2011): 8.33 करोड़ रुपये
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जर्मनी (2013): 6.02 करोड़ रुपये
क्या शामिल होता है विदेश यात्राओं में?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं में द्विपक्षीय बैठकें, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भागीदारी, भारतीय समुदाय (डायस्पोरा) से संवाद, राजकीय भोज (स्टेट बैंक्वेट) और अन्य आधिकारिक कार्यक्रम शामिल होते हैं। इन यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री विशेष विमान एयर इंडिया वन से यात्रा करते हैं और उनके साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की सुरक्षा टीम भी मौजूद रहती है।
