रील देख जागा अमीर बनने का सपना, सब्जी वाले ने घर में बना दिया नकली नोटों का सेटअप, फिर कर दिया ये कांड
राजकोट: सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली रील्स को लोग अक्सर मनोरंजन के लिए देखते हैं, लेकिन गुजरात के राजकोट में एक युवक पर आरोप है कि उसने Instagram Reel देखकर नकली नोट बनाने का तरीका सीख लिया। इसके बाद उसने घर पर ही नकली नोट तैयार करना शुरू कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है।
मामला राजकोट के मांडा डूंगर इलाके का है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान किशन सोलंकी के रूप में हुई है। वह पेशे से सब्जी बेचता है और कथित तौर पर कर्ज में डूबा हुआ था।
Instagram Reel से शुरू हुआ खेल
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि किशन एक दिन Instagram पर रील देख रहा था। इसी दौरान उसकी फीड पर नकली नोट बनाने से जुड़ा एक वीडियो आया। पुलिस के अनुसार, वीडियो में मौजूद व्यक्ति ने संपर्क के लिए अपना नंबर भी दिया था।
आरोप है कि किशन ने उस नंबर पर संपर्क किया। इसके बाद उसे Telegram पर भेजा गया और वहीं से उसने नकली नोट तैयार करने से जुड़ी जानकारी हासिल की। पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने कथित तौर पर किशन को यह काम सिखाया था।
घर में तैयार किया सेटअप
पुलिस के मुताबिक किशन ने अपने घर में नकली नोट तैयार करने का इंतजाम किया था। आरोप है कि उसने करीब 10 हजार रुपये के नकली नोट तैयार कर अपने कथित ट्रेनर को भेजे थे, जिसके बदले उसे 3 हजार रुपये मिले।
हालांकि, इसके बाद किशन ने कथित तौर पर खुद ही नकली नोटों को बाजार में चलाने की कोशिश शुरू कर दी। शुरुआत में उसने कम कीमत वाले नोटों का इस्तेमाल किया, ताकि किसी को आसानी से शक न हो। पुलिस के अनुसार, जन्माष्टमी मेले के दौरान भी उसने नकली नोट चलाए और पैसे कमाए।
छापेमारी में क्या मिला?
पुलिस ने आरोपी के घर पर छापेमारी की तो वहां से 100 रुपये के 216 नकली नोट और 500 रुपये के तीन नकली नोट बरामद किए। इसके अलावा पुलिस को कंप्यूटर से जुड़ा सामान, दो प्रिंटर, लैमिनेशन से संबंधित मशीन और अन्य सामग्री भी मिली है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने नकली नोट तैयार किए और इन्हें कहां-कहां चलाया। साथ ही उस कथित ट्रेनर की तलाश भी की जा रही है, जिसने आरोपी को नकली नोट तैयार करने का तरीका बताया था।
तीन दिन की पुलिस हिरासत
मामले में अदालत ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस पूरे नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और नकली नोटों को बाजार में खपाने का नेटवर्क कितना बड़ा है।
पुलिस अब सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंचने वाले ऐसे आपराधिक कंटेंट और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
