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ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने पर संवैधानिक कार्रवाई, राज्यपाल ने भंग की पश्चिम बंगाल विधानसभा

 
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को बड़ा संवैधानिक घटनाक्रम देखने को मिला। राज्यपाल आरएन रवि ने पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही ममता बनर्जी सरकार का कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो गया और राज्य में नई सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया है।

दरअसल, हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 293 सीटों में से 207 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। वहीं तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा और करीब 15 साल बाद ममता बनर्जी सत्ता से बाहर हो गईं।

चुनाव परिणाम आने के बाद ममता बनर्जी ने कई सीटों पर वोट चोरी का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि चुनाव परिणाम जनादेश के अनुरूप नहीं हैं और करीब 100 सीटों पर गड़बड़ी हुई है। इसी के चलते उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच राज्यपाल आरएन रवि ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए विधानसभा भंग करने का फैसला लिया। इस संबंध में 6 मई 2026 को विशेष गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया। पार्लियामेंट्री अफेयर्स डिपार्टमेंट की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि 7 मई 2026 से 17वीं विधानसभा औपचारिक रूप से भंग मानी जाएगी।

राज्यपाल के हस्ताक्षर वाले इस आदेश को मुख्य सचिव दुष्यंत नरियाला ने जनहित में प्रकाशित किया। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत नई सरकार के गठन से पहले पुरानी विधानसभा को भंग करना सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है। अब 18वीं विधानसभा के गठन की तैयारी शुरू हो गई है।

उधर भाजपा ने भी नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार रात कोलकाता पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। यह कार्यक्रम रवींद्र जयंती के अवसर पर रखा गया है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हो सकते हैं।

शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल के भीतर सुरक्षा की जिम्मेदारी कोलकाता पुलिस और एसपीजी संभालेगी, जबकि ब्रिगेड मैदान के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।