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ऐसे कौन से नाम हैं, जिनसे बृजभूषण शरण सिंह को भी खतरा?... SIT की जांच पर केजरीवाल के बड़े सवाल
 

 
 ऐसे कौन से नाम हैं, जिनसे बृजभूषण शरण सिंह को भी खतरा?... SIT की जांच पर केजरीवाल के बड़े सवाल
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नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का जिक्र करते हुए कई सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह खुद यह कह चुके हैं कि यदि उन्होंने मुंह खोला तो कई बड़े नाम सामने आएंगे और उन्हें अपनी सुरक्षा का खतरा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर वे कौन से बड़े नाम हैं, जिनका खुलासा करने से बृजभूषण शरण सिंह भी डर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बाबा बागेश्वर भी इस मामले में बड़े लोगों के शामिल होने की बात कह चुके हैं और यह भी कहा है कि नाम लेने पर उन्हें भी परेशानी हो सकती है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जब प्रभावशाली लोग भी नाम लेने से डर रहे हैं, तो यह मामला बेहद गंभीर है।

SIT की जांच पर उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि AAP सांसद संजय सिंह कथित घोटाले से जुड़े दस्तावेज लेकर विशेष जांच दल (SIT) के पास पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि जमीन घोटाले की जांच SIT के दायरे में नहीं है। उन्होंने इसे हैरान करने वाला बताते हुए कहा कि अगर जमीन से जुड़े आरोपों की जांच ही नहीं होगी, तो सच्चाई कैसे सामने आएगी।

'चंदा चोरों पर बुलडोजर क्यों नहीं?'

केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, वे केवल "प्यादे" हैं, जबकि असली जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का दावा करती है तो कथित "चंदा चोरों" के घर बुलडोजर क्यों नहीं चला? उन्होंने आरोप लगाया कि फिलहाल केवल मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और बात चंपत राय से भी आगे तक जाती है।

'बिना FIR के SIT कैसे?'

AAP संयोजक ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में गठित SIT की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए किसी मामले में SIT का गठन कैसे किया जा सकता है। उनके मुताबिक यह जांच समिति केवल लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बनाई गई है।

2021 की जमीन जांच का भी किया जिक्र

केजरीवाल ने कहा कि वर्ष 2021 में अयोध्या की जमीन खरीद से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में भी SIT बनाई गई थी, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भी जांच के नाम पर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट या संबंधित पक्षों की ओर से इस खबर के लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।