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जनता के लिए कहां है जश्न? GDP Growth पर खरगे का PM मोदी पर हमला, बेरोजगारी-महंगाई-असमानता को लेकर घेरा
 

 
 जनता के लिए कहां है जश्न? GDP Growth पर खरगे का PM मोदी पर हमला, बेरोजगारी-महंगाई-असमानता को लेकर घेरा
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नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जीडीपी वृद्धि की सराहना किए जाने पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार आर्थिक विकास का जश्न मना रही है, लेकिन आम लोग अभी भी बेरोजगारी, महंगाई और असमानता जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

खरगे ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी पर आर्थिक मुद्दों को लेकर प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, “लाइट्स, कैमरा और निष्क्रियता। जब अर्थव्यवस्था की बात आती है तो पीएम मोदी के प्रचार की यही कहानी है।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री देश में जीडीपी वृद्धि का जश्न मनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन आम आदमी के सामने अलग चुनौतियां हैं। उन्होंने इन समस्याओं को तीन ‘यू’—अभूतपूर्व बेरोजगारी, असहनीय महंगाई और बेलगाम असमानता—के रूप में बताया।

बेरोजगारी और महंगाई पर सरकार को घेरा

खरगे ने बेरोजगारी को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए दावा किया कि बेरोजगारी लंबे समय के उच्च स्तर पर है और बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं। उन्होंने हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के कथित वादे का भी जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा।

महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आम परिवारों पर रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च बढ़ रहा है। खरगे ने चीनी, प्याज, टमाटर, दाल, खाद्य तेल, चावल और दूध जैसी वस्तुओं के साथ पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी की कीमतों को लेकर भी सरकार को घेरा।

उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग किसी तरह अपना खर्च चला रहा है, जबकि गरीब तबका आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।

आर्थिक असमानता पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष ने संपत्ति के वितरण को लेकर भी केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश की कुल संपत्ति का बड़ा हिस्सा शीर्ष एक प्रतिशत लोगों के पास है, जबकि निचले 50 प्रतिशत लोगों के हिस्से में काफी कम संपत्ति आती है।

खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ी है। उन्होंने कॉरपोरेट कर्ज को बट्टे खाते में डालने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और दावा किया कि 2014 से अब तक 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कॉरपोरेट कर्ज को राइट ऑफ किया गया है।

उन्होंने हाल के एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि 22,006 करोड़ रुपये के स्वीकृत दावों के मुकाबले कर्जदाताओं को केवल 6.5 करोड़ रुपये की वसूली हुई।

विदेश यात्रा और सोना खरीदने की अपील पर भी निशाना

खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी की उस अपील की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने भारतीयों से अनावश्यक विदेश यात्रा और सोना खरीदने से बचने का आग्रह किया था। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ऐसी अपीलें देश की जमीनी आर्थिक स्थिति को दर्शाती हैं और सरकार को आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

PM मोदी ने 7.8% GDP Growth को बताया सामूहिक ताकत का नतीजा

दरअसल, खरगे की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत वास्तविक जीडीपी वृद्धि को देशवासियों की सामूहिक ताकत और मेहनत का परिणाम बताया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध, संकट और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने देशवासियों को आर्थिक वृद्धि के लिए बधाई देते हुए विपक्ष पर निराशा फैलाने का आरोप भी लगाया।