Movie prime

कौन है बिहार सीएम पद की रेस में सबसे आगे? सम्राट चौधरी का नाम सबसे चर्चा में
 

 
 कौन है बिहार सीएम पद की रेस में सबसे आगे? सम्राट चौधरी का नाम सबसे चर्चा में
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

पटना: बिहार की राजनीति में एक दिलचस्प परंपरा वर्षों से कायम है। राज्य में जननायक कर्पूरी ठाकुर को छोड़कर अब तक कोई भी उप मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंच सका है। इसी बीच सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि मौजूदा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में मुख्यमंत्री पद की रेस में उनका नाम सबसे आगे माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, उनके आवास पर भाजपा के बड़े नेताओं का लगातार आना-जाना जारी है। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सम्राट चौधरी को जल्द ही बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

कौन हैं सम्राट चौधरी?

सम्राट चौधरी बिहार के वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी के बेटे हैं और 1990 से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत युवा अवस्था में की और 1999 में राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री बने।

हालांकि उम्र विवाद के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद वे 2000 और 2010 में परबत्ता सीट से विधायक चुने गए। 2014 में भी उन्होंने मंत्री पद संभाला।

2018 में उन्होंने राजद छोड़कर भाजपा का दामन थामा, जिसके बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर मंत्री और फिर डिप्टी सीएम बनने तक का सफर उन्होंने तय किया।

अब तक क्या कहता है रिकॉर्ड?

बिहार में अब तक करीब 10 नेताओं ने उप मुख्यमंत्री पद संभाला है, लेकिन केवल कर्पूरी ठाकुर ही ऐसे नेता रहे हैं जो इस पद से आगे बढ़कर मुख्यमंत्री बने।

यह परंपरा 1957 में शुरू हुई थी, जब श्रीकृष्ण सिंह की सरकार में सत्ता संतुलन के लिए अनुग्रह नारायण सिन्हा को पहली बार उप मुख्यमंत्री बनाया गया था।

नीतीश के दौर में सबसे ज्यादा डिप्टी सीएम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में सबसे ज्यादा उप मुख्यमंत्री बने। इस सूची में सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा जैसे नाम शामिल हैं।

इसके अलावा तेजस्वी यादव भी उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

क्यों नहीं बन पाते डिप्टी सीएम से सीएम?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिहार में सत्ता का केंद्र हमेशा मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द ही रहा है। उप मुख्यमंत्री का पद अक्सर सत्ता संतुलन और जातीय समीकरण साधने के लिए इस्तेमाल होता है, न कि भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने के लिए।

रिकॉर्ड पर एक नजर

  • बिहार में अब तक 10 उप मुख्यमंत्री बने
  • केवल कर्पूरी ठाकुर ही बने मुख्यमंत्री
  • सबसे लंबा कार्यकाल: सुशील कुमार मोदी (2005–2013)

अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या सम्राट चौधरी इस परंपरा को तोड़कर नया इतिहास रचते हैं, या फिर बिहार की राजनीति में यह सिलसिला एक बार फिर कायम रहता है।