योगी कैबिनेट की बड़ी बैठक: 35 प्रस्तावों को मंजूरी, गेहूं MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय
लखनऊ: मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow स्थित लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने 35 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में किसानों, ऊर्जा क्षेत्र, नगर विकास और औद्योगिक निवेश से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए।
सबसे अहम फैसला खाद्य एवं रसद विभाग से जुड़ा रहा। सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक की जाएगी। इसके लिए राज्य के सभी 75 जिलों में लगभग 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
सरकार ने बताया कि किसानों से गेहूं की खरीद आठ एजेंसियों के माध्यम से की जाएगी। इनमें भारतीय खाद्य निगम, उत्तर प्रदेश मंडी परिषद, प्रांतीय सहकारी संघ, प्रादेशिक सहकारी संघ, उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ शामिल हैं। इन एजेंसियों के जरिए किसानों से पारदर्शी तरीके से गेहूं की खरीद सुनिश्चित की जाएगी।
ऊर्जा विभाग से जुड़े फैसलों में घाटमपुर पावर प्लांट परियोजना को भी मंजूरी दी गई। इस प्लांट में 660 मेगावॉट की तीन यूनिट लगाने का प्रावधान है, जिनमें से दो यूनिट शुरू हो चुकी हैं और तीसरी यूनिट जल्द शुरू होने की संभावना है। इस परियोजना के लिए झारखंड के Dumka में पछवारा कोल माइन 2016 में आवंटित की गई थी। कोल माइन के विकास के लिए 2242.90 करोड़ रुपये की राशि को कैबिनेट की मंजूरी दी गई है। घाटमपुर पावर प्लांट केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है।
गोरखपुर बनेगा सोलर सिटी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि Gorakhpur को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना को Coal India Limited द्वारा लगाया जाएगा। प्रदेश में पहले से दो फ्लोटिंग सोलर प्लांट संचालित हैं—Auraiya में 20 मेगावॉट का प्लांट NTPC Limited द्वारा और Khurja में 11 मेगावॉट का प्लांट THDC India Limited द्वारा स्थापित किया गया है।
नगर विकास विभाग के फैसले
नगर विकास विभाग के तहत जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को स्मार्ट बनाने के लिए बजट में घोषित “नवयुग पालिका योजना” के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल गई है। यह योजना प्रदेश के 75 जनपदों में मौजूद 17 नगर निगमों को छोड़कर बाकी 58 जिला मुख्यालयों में लागू की जाएगी।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना 2025 को भी मंजूरी दी गई है। इस नीति के तहत सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी और निजी निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा। भूमि की लागत 45 वर्षों में वसूल की जाएगी।
इसके अलावा Sambhal जिले में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। यह परियोजना गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे संभल पॉकेट में विकसित की जाएगी, जिसके लिए 242.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
