ZOHO फाउंडर श्रीधर वेम्बू की स्टार्टअप्स को सलाह, बोले- इंजीनियर और डॉक्टर खुद करें सेल्स कॉल
नई दिल्ली। जोहो (Zoho) के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने टेक्निकल बैकग्राउंड से बिजनेस की दुनिया में कदम रखने वाले डॉक्टरों, इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को अहम सलाह दी है। उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति नया बिजनेस शुरू कर रहा है, तो उसे सिर्फ बेहतरीन प्रोडक्ट बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद ग्राहकों से बात करके उसे बेचने की कोशिश भी करनी चाहिए।
खुद करें सेल्स कॉल
श्रीधर वेम्बू के मुताबिक, फाउंडर्स को शुरुआती दौर में बड़ी संख्या में सेल्स कॉल्स करनी चाहिए। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि अपने आइडिया या प्रोडक्ट को किसी ग्राहक के सामने रखना कितना चुनौतीपूर्ण है। लगातार ग्राहकों से बातचीत करने से कम्युनिकेशन और समझाने की क्षमता भी बेहतर होती है।
रिजेक्शन से मिलती है असली सीख
वेम्बू का मानना है कि सेल्स के दौरान मिलने वाला रिजेक्शन बिजनेस लीडर को मजबूत बनाता है। बार-बार 'ना' सुनने के बावजूद प्रयास जारी रखने से धैर्य और दृढ़ता विकसित होती है। उनके अनुसार, यही अनुभव फाउंडर को बिजनेस की जमीनी हकीकत समझने में मदद करता है।
सेल्स टीम की मेहनत का होगा एहसास
कई टेक्निकल प्रोफेशनल्स सेल्स को आसान काम समझ सकते हैं, लेकिन खुद सेल्स कॉल करने के बाद उन्हें इस काम की मुश्किलों का अंदाजा होता है। वेम्बू के मुताबिक, इससे फाउंडर्स में सेल्स टीम के प्रति सम्मान बढ़ता है और उन्हें कंपनी के पूरे बिजनेस मॉडल को बेहतर ढंग से समझने का मौका मिलता है।
बिना बिक्री के बिजनेस नहीं चल सकता
श्रीधर वेम्बू ने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई भी बिजनेस बिक्री के बिना लंबे समय तक नहीं चल सकता। प्रोडक्ट कितना भी शानदार क्यों न हो, अगर उसे ग्राहक तक पहुंचाकर बेचा नहीं जा सकता, तो उसकी सफलता मुश्किल है। इसलिए फाउंडर्स को प्रोडक्ट डेवलपमेंट के साथ सेल्स और मार्केटिंग को भी गंभीरता से लेना चाहिए।
सोशल मीडिया पर लोगों ने साझा किए अनुभव
वेम्बू की सलाह के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ लोगों ने बताया कि लगातार लोगों से बातचीत और सेल्स का अनुभव उनकी कम्युनिकेशन स्किल सुधारने में बेहद मददगार रहा। वहीं, कुछ यूजर्स ने रियल एस्टेट और दूसरे प्रोडक्ट बेचने के अनुभव को आगे चलकर सफल टेक प्रोडक्ट बनाने में उपयोगी बताया।
AI को लेकर भी श्रीधर वेम्बू की चेतावनी
श्रीधर वेम्बू ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल और उससे जुड़ी लागत पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि AI की बढ़ती मांग के कारण कंप्यूटिंग और मेमोरी संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में डेवलपर्स को कम मेमोरी का इस्तेमाल करने वाली प्रोग्रामिंग भाषाओं और कंपाइलर्स पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
