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1 घंटे में 1.2 करोड़ Views… फिर क्यों ब्लॉक हुई राहुल गांधी और CM विजय की रील? क्या था ऐसा

राहुल गांधी और तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय की इंस्टाग्राम रील अचानक ब्लॉक होने पर सियासी विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस ने IT Rules और Meta पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार ने किसी भी हस्तक्षेप से इनकार किया है। जानिए पूरा मामला और राहुल गांधी ने क्या कहा।

 
Rahul Gandhi reel blocked
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नई दिल्ली/चेन्नई: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की इंस्टाग्राम रील ब्लॉक होने के बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर उनकी और विजय की रील को भारत के IT नियमों के तहत क्यों हटाया गया। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और Meta दोनों पर निशाना साधा है।

विजय के शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ी थी रील

दरअसल, 10 मई को राहुल गांधी चेन्नई पहुंचे थे, जहां अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस समारोह में राहुल गांधी भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम पर विजय के साथ कई तस्वीरें और एक वीडियो रील शेयर की थी, जिसमें दोनों नेताओं की मुलाकात और समारोह के खास पल दिखाए गए थे।

हालांकि, कुछ ही समय बाद वह रील और फोटो पोस्ट अचानक ब्लॉक हो गई। इसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पोस्ट को भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के नियमों के तहत हटाया गया।

राहुल गांधी ने पूछा- आखिर डर किस बात का?

रील हटने के बाद राहुल गांधी ने लगातार इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वीडियो में ऐसा क्या था जिससे सरकार को परेशानी हुई। राहुल गांधी ने लिखा कि पहले उनकी रील हटाई गई और फिर उस मुद्दे को उठाने वाली उनकी इंस्टाग्राम स्टोरी भी ब्लॉक कर दी गई। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि, आखिर इसमें ऐसा क्या था जिससे मोदी जी को खतरा महसूस हुआ?

कांग्रेस का दावा- रिकॉर्ड व्यूज़ के बाद हटाई गई रील

कांग्रेस नेता श्रीवत्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि राहुल गांधी और विजय की रील ने एक घंटे से भी कम समय में 1 करोड़ 20 लाख से ज्यादा व्यूज़ हासिल कर लिए थे। वहीं फोटो पोस्ट करीब 4 करोड़ 60 लाख लोगों तक पहुंच चुकी थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विपक्ष की पहुंच सीमित करने की कोशिश है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के सोशल मीडिया अकाउंट्स की रीच लंबे समय से प्रभावित की जा रही है।

कांग्रेस ने Meta पर भी साधा निशाना

कांग्रेस की कम्युनिकेशन और पब्लिसिटी इंचार्ज रुचिरा चतुर्वेदी ने भी Meta पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले राहुल गांधी और विजय के कार्यक्रम का वायरल वीडियो ब्लॉक किया गया और फिर उस कार्रवाई पर सवाल उठाने वाली इंस्टाग्राम स्टोरी को भी हटा दिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विपक्षी नेताओं के कंटेंट के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है।

सरकार ने बताया ‘इंटरनल मॉडरेशन’ का मामला

हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने इन आरोपों से इनकार किया है। सूत्रों का कहना है कि यह मामला इंस्टाग्राम के इंटरनल मॉडरेशन सिस्टम से जुड़ा हुआ था और सरकार की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था। बताया जा रहा है कि बाद में वीडियो को दोबारा सार्वजनिक कर दिया गया।

सोशल मीडिया सेंसरशिप पर फिर छिड़ी बहस

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की पारदर्शिता और कंटेंट मॉडरेशन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विपक्षी दल इसे डिजिटल सेंसरशिप का मुद्दा बता रहे हैं, जबकि तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार ऑटोमेटेड मॉडरेशन सिस्टम की वजह से भी कंटेंट अस्थायी रूप से ब्लॉक हो सकता है। फिलहाल राहुल गांधी की रील हटाने और फिर बहाल किए जाने का मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।