KMC का नोटिस मिलने के बाद बढ़ी अभिषेक बनर्जी की टेंशन, जांच के घेरे में घर और संपत्तियां
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद TMC नेता अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने उनके घर को लेकर नोटिस जारी किया है। वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भ्रष्टाचार और अवैध संपत्तियों को लेकर बड़ा दावा किया है।
Abhishek Banerjee KMC Notice: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार लगातार कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और कथित अवैध संपत्तियों के मामलों पर सख्त कार्रवाई करती दिखाई दे रही है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
कुछ दिन पहले भड़काऊ भाषण मामले में केस दर्ज होने के बाद अब कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) ने भी अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
घर को लेकर मांगी गई जानकारी
सूत्रों के मुताबिक KMC ने दक्षिण कोलकाता स्थित कालीघाट रोड और हरीश मुखर्जी रोड पर मौजूद अभिषेक बनर्जी के आवास को लेकर नोटिस भेजा है। नोटिस में निगम प्रशासन ने निर्माण से जुड़े दस्तावेज और बिल्डिंग प्लान की जानकारी मांगी है।
कॉर्पोरेशन ने यह भी पूछा है कि भवन निर्माण के दौरान सभी निर्धारित नियमों और मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही अतिरिक्त निर्माण (एक्स्ट्रा कंस्ट्रक्शन) को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
शुभेंदु अधिकारी ने मंच से लिया नाम
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में भ्रष्टाचार और कथित अवैध संपत्तियों को लेकर सार्वजनिक मंच से कई नामों का उल्लेख किया था। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं के पास करोड़ों रुपये की अवैध संपत्तियां हैं और उनकी जांच की जा रही है।
शुभेंदु अधिकारी ने अभिषेक बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि उनकी 24 संपत्तियां जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। हालांकि इन आरोपों पर अब तक अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
RG Kar केस में भी सरकार का बड़ा फैसला
इसी बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े मामले में भी बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।
सरकार की अनुमति मिलने के बाद अब ED प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अदालत में संदीप घोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा सकेगी। जांच एजेंसियां वित्तीय गड़बड़ियों और टेंडर से जुड़े कथित घोटालों की जांच कर रही हैं।
बंगाल की राजनीति में बढ़ा सियासी तापमान
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में माहौल और गरमा गया है। भाजपा जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रही है, वहीं विपक्षी दल इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद बन सकता है।
