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छात्र आंदोलन, राम मंदिर और FCRA बिल... संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार का नया फॉर्मूला

संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध खत्म करने की कोशिश तेज हो गई है। सरकार अमित शाह के जरिए छात्र प्रदर्शनों पर जवाब देने को तैयार है, लेकिन पहले सदन में चर्चा चाहती है। राम मंदिर चंदा मामला और FCRA बिल भी बातचीत के केंद्र में हैं। FCRA विधेयक को JPC भेजने का विकल्प सामने आया है।

 
Amit Shah Reply in Parliament
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Amit Shah Reply in Parliament: संसद के मानसून सत्र के आखिरी दो दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने की कोशिश तेज हो गई है। छात्र प्रदर्शनों, अयोध्या के राम मंदिर में चंदे से जुड़े मामले और FCRA संशोधन विधेयक पर चर्चा को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कवायद चल रही है। इसी बीच सरकार ने संकेत दिया है कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के आंदोलन पर जवाब दे सकते हैं, लेकिन उससे पहले सदन में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।

अमित शाह के जवाब से पहले होगी चर्चा

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार केवल गृह मंत्री अमित शाह का बयान कराने के पक्ष में नहीं है। उसका कहना है कि छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर पहले सदन में उचित और व्यापक चर्चा होनी चाहिए, जिसके बाद गृह मंत्री अपना जवाब दें।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि अमित शाह के जवाब में केवल दिल्ली के छात्र आंदोलन का मुद्दा नहीं होगा, बल्कि विपक्ष शासित पंजाब और झारखंड में हुए छात्र आंदोलनों का भी उल्लेख किया जा सकता है।

20 जुलाई के बाद से संसद में लगातार गतिरोध

संसद की कार्यवाही 20 जुलाई के बाद से लगातार प्रभावित रही है। उस दिन छात्र प्रदर्शनकारियों के 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी।

धर्मेंद्र प्रधान ने 30 जुलाई को इस्तीफा दे दिया, लेकिन इसके बाद विपक्ष ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया। विपक्षी नेताओं ने संसद में इस मामले पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग की है।

राहुल गांधी ने उठाया गोली चलाने का सवाल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार मांग कर रहे हैं कि सरकार यह स्पष्ट करे कि 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के खिलाफ कथित गोलीबारी का आदेश किसने दिया था। राहुल गांधी ने सोमवार को कहा था कि उनका सवाल केवल गृह मंत्री के संसद में आने को लेकर नहीं, बल्कि इस बात को स्पष्ट करने को लेकर है कि छात्रों पर कार्रवाई की अनुमति किसने दी।

विपक्ष का कहना है कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, संसद में गतिरोध जारी रह सकता है।

राम मंदिर चंदे के मामले पर भी चर्चा के संकेत

छात्र आंदोलन के अलावा राहुल गांधी ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चंदे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले पर भी चर्चा की मांग की है। उन्होंने प्रभावित छात्रों से माफी और जवाबदेही तय करने की मांग को भी अपनी प्रमुख शर्तों में शामिल किया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार राम मंदिर चंदे से जुड़े मामले पर चर्चा के लिए तैयार हो सकती है। हालांकि, सरकार का कहना है कि इस मुद्दे पर चर्चा अन्य मुद्दों पर बहस के बाद होगी। राम मंदिर का मुद्दा भाजपा के लिए राजनीतिक और वैचारिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

FCRA बिल पर सरकार ने दिया JPC का विकल्प

विदेशी फंडिंग से जुड़े Foreign Contribution Regulation Act यानी FCRA में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर भी सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद हैं। अब सरकार ने इस मामले में भी अपने रुख में नरमी के संकेत दिए हैं।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष को संकेत दिया है कि FCRA संशोधन विधेयक को जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जा सकता है। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से विपक्ष के साथ अन्य महत्वपूर्ण विधायी मुद्दों पर भी सहमति बनाने का रास्ता खुलेगा।

FCRA पर विपक्ष में भी मतभेद

दिलचस्प बात यह है कि FCRA विधेयक को लेकर पूरा विपक्ष एकमत नजर नहीं आ रहा है। सरकार की ओर से JPC का विकल्प दिए जाने के बावजूद विपक्षी दलों के बीच इस विधेयक को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। अब संसद सत्र के केवल दो दिन बचे हैं। ऐसे में सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म होता है या नहीं, इस पर सबकी नजर है।