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क्या ममता बनर्जी की पार्टी में शुरू हो गई बड़ी बगावत? बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव से मिले 10 से ज्यादा बागी TMC सांसद

पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। TMC के कई सांसदों की BJP नेताओं से मुलाकात और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे के बाद पार्टी में टूट की अटकलें बढ़ गई हैं। जानिए पूरा राजनीतिक घटनाक्रम।
 
TMC सांसद
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई सांसदों की भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की खबरों ने राज्य की राजनीतिक फिजा गर्म कर दी है। इसी बीच TMC के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई एक बैठक में पश्चिम बंगाल से जुड़े कई राजनीतिक चेहरे मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे।

किन सांसदों के नाम चर्चा में?

राजनीतिक गलियारों में जिन सांसदों के नाम चर्चा में हैं, उनमें शताब्दी रॉय, जून मालिया, कालीपदा सोरेन, प्रसून बनर्जी, काकली घोष दस्तीदार, पार्थ भौमिक, अरूप चक्रवर्ती, बापी हलदार, असीत माल, शर्मिला सरकार और जगदीश बसुनिया सहित कई सांसदों के नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि इन नेताओं की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी दल परिवर्तन की घोषणा नहीं की गई है।

सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे से बढ़ी हलचल

राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने TMC से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व को भेजे पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता ने भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अपराध, कानून-व्यवस्था की स्थिति और विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक विफलताओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

इस्तीफे में लगाए गंभीर आरोप

सुखेंदु शेखर रॉय ने अपने पत्र में कहा कि पश्चिम बंगाल में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने बदलाव के पक्ष में अपना जनादेश दिया है और राज्य के विकास को लेकर नई उम्मीदें जताई हैं।

भाजपा की भी की प्रशंसा

अपने इस्तीफे के बाद दिए गए बयान में सुखेंदु शेखर रॉय ने भाजपा की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने भाजपा को बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में स्वीकार किया है और नई सरकार विकास तथा पुनर्निर्माण के एजेंडे पर काम शुरू कर चुकी है।

क्या BJP में शामिल हो सकते हैं TMC के नेता?

दिल्ली में हुई मुलाकातों और इस्तीफों के बाद राजनीतिक विश्लेषक संभावित दल-बदल की अटकलें लगा रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि अभी तक भाजपा या TMC की ओर से किसी बड़े राजनीतिक विलय या सांसदों के औपचारिक रूप से पार्टी बदलने की पुष्टि नहीं की गई है।

INDIA गठबंधन की बैठक के बीच बढ़ी सियासी हलचल

दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब TMC प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी भी राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक बैठकों के सिलसिले में दिल्ली में मौजूद हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में घटनाक्रम और तेज हो सकता है।