गलत पार्टी में सही इंसान था मैं… राघव चड्ढा ने खुद बताया क्यों छोड़ी आम आदमी पार्टी?
आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा ने पहली बार खुलकर पार्टी के अंदरूनी हालात पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी का माहौल बिगड़ चुका था और नेताओं को काम से रोका जा रहा था। उनके बयान ने सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
Raghav Chadha statement: राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। एक वीडियो संदेश के जरिए उन्होंने अपने फैसले के पीछे की वजहें बताते हुए पार्टी के अंदरूनी माहौल पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें लोगों से मिले-जुले प्रतिक्रिया संदेश मिले—कुछ ने समर्थन किया, तो कई लोग उनके इस फैसले का कारण जानना चाहते थे।
15 साल दिए, लेकिन माहौल बदल गया
चड्ढा ने बताया कि उन्होंने एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट का करियर छोड़कर राजनीति में कदम रखा था और आम आदमी पार्टी के शुरुआती सदस्यों में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि पार्टी को खड़ा करने में उन्होंने अपनी जवानी के करीब 15 साल लगाए, लेकिन अब वह पहले जैसी नहीं रही। उनके मुताबिक, पार्टी का वातावरण पूरी तरह बदल चुका है।
नेताओं को बोलने और काम करने से रोका जा रहा था
अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली पार्टी पर निशाना साधते हुए चड्ढा ने आरोप लगाया कि अब संगठन में नेताओं को स्वतंत्र रूप से काम करने और अपनी बात रखने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा, “एक या दो लोग गलत हो सकते हैं, लेकिन सभी नहीं। अगर कई लोग एक साथ असहज महसूस कर रहे हैं, तो समस्या कहीं गहरी है।”
‘कुछ लोगों के हाथों में सिमट गई पार्टी’
चड्ढा ने दावा किया कि पार्टी अब कुछ चुनिंदा लोगों के प्रभाव में आ चुकी है, जो निजी हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उस विचारधारा से बिल्कुल अलग है, जिसके साथ पार्टी की शुरुआत हुई थी।
‘गलत पार्टी में सही व्यक्ति’ होने का एहसास
राज्यसभा सदस्य चड्ढा ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ समय से उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था कि वे “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” बनकर रह गए हैं। उन्होंने बताया कि उनके सामने तीन विकल्प थे- राजनीति छोड़ना, पार्टी के भीतर रहकर बदलाव की कोशिश करना या किसी नए मंच के जरिए अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखना।
छह अन्य सांसदों के साथ लिया बड़ा फैसला
चड्ढा ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अकेले नहीं लिया, बल्कि छह अन्य सांसदों के साथ मिलकर पार्टी छोड़ने का निर्णय किया। उनका कहना है कि जब किसी व्यक्ति को काम करने से रोका जाए और उसकी आवाज दबाई जाए, तो ऐसे माहौल से बाहर निकलना ही बेहतर होता है।
नए मंच पर जारी रखेंगे सकारात्मक राजनीति
भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद चड्ढा ने कहा कि वे अब नए मंच से आम लोगों के मुद्दों को और अधिक मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि नए राजनीतिक माहौल में वे बेहतर तरीके से समाधान खोजकर उन्हें लागू करने की दिशा में काम कर पाएंगे।
