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बंगाल चुनाव में हर पांच में से एक उम्मीदवार करोड़पति , 23% पर आपराधिक केस, महिलाओं की हिस्सेदारी 13%
 

 
 बंगाल चुनाव में हर पांच में से एक उम्मीदवार करोड़पति , 23% पर आपराधिक केस; आधे से ज्यादा ग्रेजुएट नहीं, महिलाओं की हिस्सेदारी 13%
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में उम्मीदवारों को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुल 2920 उम्मीदवारों में से करीब 23% यानी बड़ी संख्या में प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा लगभग 208 उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी (BJP) से हैं। वहीं, 192 उम्मीदवारों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की चार प्रमुख पार्टियों—भारतीय जनता पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)—के कुल 1074 उम्मीदवारों में से 481 पर आपराधिक केस दर्ज हैं। इनमें 35 उम्मीदवारों पर हत्या से जुड़े आरोप, 192 पर महिलाओं के खिलाफ अपराध और 8 पर रेप के आरोप हैं। करीब 412 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं।

आर्थिक स्थिति की बात करें तो चुनाव मैदान में उतरे 630 उम्मीदवार करोड़पति हैं, यानी हर पांच में से एक उम्मीदवार अमीर श्रेणी में आता है। उम्मीदवारों की औसत संपत्ति करीब 1.28 करोड़ रुपए है। तृणमूल कांग्रेस के 72% उम्मीदवार करोड़पति हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के लगभग 49% उम्मीदवार इस श्रेणी में आते हैं।

सबसे अमीर उम्मीदवार मुर्शिदाबाद की जंगीपुर सीट से जाकिर होसैन हैं, जिनकी संपत्ति 133 करोड़ रुपए से अधिक है। वहीं, बांकुरा के बरजोरा सीट से गौतम मिश्रा 105 करोड़ रुपए के साथ दूसरे स्थान पर हैं। दूसरी ओर, पश्चिम मेदिनीपुर की मेदिनीपुर सीट से रुबिया बेगम की संपत्ति मात्र 500 रुपए दर्ज की गई है, जबकि 4 उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति शून्य बताई है।

शिक्षा के स्तर पर नजर डालें तो करीब 47% उम्मीदवार ग्रेजुएट या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं, जबकि लगभग 48% उम्मीदवारों की शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच है। उम्र के लिहाज से 53% उम्मीदवार 41 से 60 वर्ष के बीच हैं, जबकि 29% उम्मीदवार 25 से 40 वर्ष के हैं।

महिला प्रतिनिधित्व अब भी कम बना हुआ है। कुल उम्मीदवारों में सिर्फ 13% यानी 385 महिलाओं को ही टिकट मिला है, जबकि राज्य में महिलाओं की आबादी पुरुषों के लगभग बराबर है।

पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।