बिहार कैबिनेट विस्तार से पहले JDU का पावर शो, 16 मंत्री पदों की मांग से NDA में हलचल
Patna : बिहार में प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। Janata Dal (United) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने बुधवार को साफ कहा कि उनकी पार्टी नई सरकार में 16 मंत्री पद चाहती है। राज्य में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार का विस्तार 7 मई को होने की संभावना है।
सत्ता परिवर्तन के बाद नया समीकरण
गौरतलब है कि Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने पर राज्य में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार बनी और सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया। वे बिहार के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बने हैं।
मंत्रिमंडल में फिलहाल सीमित प्रतिनिधित्व
अभी कैबिनेट में JDU के केवल दो नेता विजय कुमार चौधरी एवं बिजेन्द्र प्रसाद यादव उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल हैं। ऐसे में पार्टी अब विस्तार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश में है।
कैबिनेट विस्तार समारोह में नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।
संवैधानिक सीमा भी अहम
संविधान के अनुसार, किसी भी राज्य में मंत्रियों की संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती। बिहार विधानसभा में 243 सदस्य हैं, इसलिए अधिकतम 30 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं।
बिहार में NDA में JDU और बीजेपी के अलावा चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा भी शामिल हैं। ऐसे में सभी दलों की नजर मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी पर टिकी है।
निशांत कुमार पर भी चर्चा
निशांत कुमार को लेकर पूछे गए सवाल पर उमेश कुशवाहा ने कहा कि पार्टी चाहती थी कि निशांत कुमार मंत्री बनें, लेकिन उन्होंने फिलहाल संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देने का फैसला किया है। हाल ही में उन्होंने “सद्भाव यात्रा” शुरू की है, जिसे उनके सक्रिय राजनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
कैबिनेट विस्तार से पहले JDU की 16 मंत्री पदों की मांग ने बिहार की सियासत को और गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि सहयोगी दलों के बीच संतुलन बनाते हुए मंत्रिमंडल का अंतिम स्वरूप कैसा होता है।
