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वोट बेचने की दुकान कहां है? वाराणसी में राजभर बनाम राजभर की सियासी जंग, बजट और UGC पर क्या बोले ओपी राजभर

वाराणसी में ओमप्रकाश राजभर ने कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर को वोट बेचने के आरोप पर खुली चुनौती दी। उन्होंने यूजीसी, शंकराचार्य, गौ माता, बजट और सपा के PDA नारे पर भी तीखे बयान दिए, जिससे प्रदेश की राजनीति और गरमा गई।

 
राजभर बनाम राजभर
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वाराणसी: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखा टकराव देखने को मिला, जब सुभासपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने खुले मंच से कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर को चुनौती दे डाली। वाराणसी में मीडिया से बातचीत के दौरान ओपी राजभर ने कहा कि अगर पूरे देश में कहीं वोट बेचने की कोई दुकान है तो उसका पता बताया जाए। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा, अगर माई के लाल हैं तो बता दें।

सोमवार को वाराणसी में पत्रकारों द्वारा अनिल राजभर के बयान पर सवाल पूछे जाने पर ओमप्रकाश राजभर भड़क उठे। बिना नाम लिए उन्होंने अनिल राजभर और उनके पिता पर तीखा हमला बोला और कहा कि आज जो लोग उंगली उठा रहे हैं, वे कभी लोहा चोरी किया करते थे। उन्होंने कहा कि लोग उनका इतिहास नहीं जानते।

ओपी राजभर ने व्यंग्य करते हुए कहा कि हर दुकानदार साव नहीं होता, अगर साव बनेगा तो कमाएगा कैसे। उन्होंने कहा कि 23 वर्षों में उन्होंने जो किया, क्या किसी और ने किया है? जब उन्होंने अपने “बाप को बाप कहना शुरू किया”, तभी लोगों का ध्यान महाराजा सुहेलदेव की ओर गया।

सुहेलदेव जयंती के मंच से अनिल राजभर द्वारा ओमप्रकाश राजभर के समर्थकों पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि वोट कोई बोरा या झोला नहीं है जिसे कहीं दे दिया जाए। उन्होंने कहा, अगर एक मां का दूध पिया है तो बता दें कि वोट कहां बिकता है। जरूरत पड़ी तो हम भी वो दुकान देख लेंगे।

शंकराचार्य, गौ माता और यूजीसी पर भी बोले ओपी राजभर

शंकराचार्य के 40 दिन वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी राजभर ने सवाल उठाया कि क्या वे 145 करोड़ देशवासियों के मालिक हैं। वहीं गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह विषय जब कैबिनेट में आएगा, तब उस पर विचार किया जाएगा।

यूजीसी को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि यूजीसी वापस नहीं हुआ है, बल्कि उस पर स्टे लगा है। उन्होंने विरोध करने वालों से सवाल किया कि यूजीसी कमेटी में 17 सदस्य सामान्य वर्ग के थे, तब किसी को कमी क्यों नहीं दिखी। शिक्षा मंत्री के बयान को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि जहां कमी होगी, वहां सुधार किया जाएगा।

ओपी राजभर ने कहा कि यदि किसी को यूजीसी के नए दिशा-निर्देशों और कानून में गड़बड़ी लगती है, तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खुला है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में OBC, SC और ST वर्ग के साथ भेदभाव होता है और वे इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।

सपा और विपक्ष पर भी साधा निशाना

सपा के PDA नारे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि PDA का मतलब “परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी” है। वहीं बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे और शंकराचार्य से मुलाकात को उन्होंने ड्रामा और राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा, “हम राजभर हैं और सीना ठोक कर बोलते हैं।”

बजट पर क्या बोले ओपी राजभर

केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यह बजट 145 करोड़ देशवासियों के हित को ध्यान में रखकर बनाया गया है और यह विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करता है। विपक्ष के विरोध पर उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनावी लाभ के लिए बजट का विरोध करता है।