बंगाल चुनाव में रिकॉर्ड वोटिंग: दूसरे चरण में 90% के पार मतदान, क्या बदलेगा सत्ता का समीकरण?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 90% के करीब रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। 2021 के मुकाबले ज्यादा वोटिंग ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। जानिए किन सीटों पर सबसे ज्यादा मतदान हुआ और क्या इससे सत्ता समीकरण बदल सकता है।
West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान ने नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। बुधवार शाम 5 बजे तक वोटिंग प्रतिशत 89.99% तक पहुंच गया, जो 2021 में इसी चरण की 142 सीटों पर हुए 80.4% मतदान से काफी अधिक है।
चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, अंतिम आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि मतदान केंद्र बंद होने से पहले लाइन में लगे सभी मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे में कुल मतदान 95% के करीब पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा वोटिंग?
Ausgram में सबसे ज्यादा 94.06% मतदान दर्ज हुआ
Habra में करीब 93% वोटिंग हुई
Bhabanipur, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का क्षेत्र है, वहां 85.51% मतदान दर्ज किया गया।
जिलों की बात करें तो पूर्वा बर्धमन में सबसे अधिक 92.46% मतदान हुआ, जबकि Kolkata North में यह आंकड़ा 87.77% रहा।
पूरे बंगाल में दिखा चुनावी जोश
चुनाव के दिन बंगाल के अलग-अलग इलाकों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बसंती चोपड़ा और बल्ली जैसे क्षेत्रों में भी भारी भीड़ रही। हालांकि, कुछ जगहों पर हल्की झड़पें और राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली, जो बंगाल के चुनावी माहौल का हिस्सा मानी जाती है।
क्या बदलेगा सत्ता का गणित?
इस बार सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एंटी-इन्कंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) और मतदाता सूची में हुए बदलाव सत्ता संतुलन को प्रभावित कर पाएंगे?
राज्य सचिवालय Nabanna पर फिलहाल All India Trinamool Congress का कब्जा है। 2021 के चुनाव में इन 142 सीटों में से टीएमसी ने 123 सीटें जीती थीं, जबकि Bharatiya Janata Party को 18 सीटें और Indian Secular Front को सिर्फ 1 सीट मिली थी।
ज्यादा मतदान का क्या संकेत?
विशेषज्ञ मानते हैं कि इतने बड़े स्तर पर मतदान कई संकेत दे सकता है- सत्ता विरोधी लहर, मतदाताओं में बढ़ी राजनीतिक जागरूकता, करीबी मुकाबले की संभावना। हालांकि, असली तस्वीर नतीजों के बाद ही साफ होगी कि यह रिकॉर्ड वोटिंग किसके पक्ष में गई।
