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राहुल गांधी पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार, बोले- ‘राजनीतिक समझ शून्य, सहयोगियों के बिना नहीं बचा सकते खानदानी सीट’

 
राहुल गांधी पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार, बोले- ‘राजनीतिक समझ शून्य, सहयोगियों के बिना नहीं बचा सकते खानदानी सीट’
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New Delhi : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेता पर निशाना साधा। बीजेपी सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के बयानों पर सवाल उठाते हुए उनकी राजनीतिक समझ पर टिप्पणी की और कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र किया।

त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीतिक समझ शून्य है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी अपनी पारंपरिक सीटों पर भी सहयोगी दलों के समर्थन के बिना चुनाव नहीं जीत सकते। उनके मुताबिक, अमेठी और रायबरेली जैसे गांधी परिवार से जुड़ी सीटों पर भी सहयोगियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी की ओर से राजनीतिक अनुभव को लेकर किए गए दावे पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से भारतीय राजनीति को देखने की बात करते हैं, लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस के चुनावी इतिहास को देखें तो तस्वीर अलग नजर आती है।

बंगाल, बिहार और यूपी का दिया उदाहरण

सुधांशु त्रिवेदी ने पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 1977 के बाद कांग्रेस की सरकार नहीं बनी। बिहार में 1990 के बाद कांग्रेस सत्ता में नहीं लौटी और उत्तर प्रदेश में भी लंबे समय से कांग्रेस को सत्ता नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए एंटी-इनकंबेंसी का सवाल भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि जिस दौर में बूथ कैप्चरिंग और हिंसा जैसी घटनाएं होती थीं, उस समय कांग्रेस को एंटी-इनकंबेंसी का उतना सामना नहीं करना पड़ा, जबकि चुनावी व्यवस्था मजबूत होने और निगरानी बढ़ने के बाद कांग्रेस को इसका सामना करना पड़ा।

त्रिवेदी ने राहुल गांधी के अमेठी से चुनावी इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 2019 में राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हार गए थे। 2024 में उन्होंने अमेठी के बजाय रायबरेली से चुनाव लड़ा। उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक, राहुल गांधी 2019 में अमेठी से भाजपा की स्मृति ईरानी से हार गए थे, जबकि 2024 में उन्होंने रायबरेली से जीत दर्ज की थी। 

बीजेपी नेता ने इसी संदर्भ में कहा कि गांधी परिवार की पारंपरिक सीटों पर सहयोगी दलों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के वायनाड चुनाव का भी जिक्र करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक समर्थन के सहारे चुनाव जीतने का आरोप लगाया।

त्रिवेदी ने राहुल गांधी के कथित दावों के स्रोत पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी खबर या दावे का उल्लेख किया जा रहा है तो उसका आधार और स्रोत भी स्पष्ट होना चाहिए।