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खाद संकट पर वाराणसी में सपा का प्रदर्शन, अर्धनग्न होकर जताया विरोध, DAP-यूरिया की कालाबाजारी रोकने की मांग

वाराणसी के सिगरा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने डीएपी, यूरिया और पोटाश की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अर्धनग्न होकर पहुंचे सपा नेता ने खाद की कालाबाजारी रोकने, तस्करों पर कार्रवाई करने और 15 दिनों के भीतर सभी समितियों पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
 
समाजवादी पार्टी
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वाराणसी: किसानों के लिए डीएपी, यूरिया और पोटाश की कथित कमी को लेकर रविवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सिगरा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सपा नेता हरीश मिश्रा अर्धनग्न होकर पहुंचे और किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। बाद में कार्यकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों को संबोधित ज्ञापन सौंपकर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

अर्धनग्न होकर जताया विरोध

दोपहर करीब एक बजे सिगरा क्षेत्र में हुए प्रदर्शन के दौरान हरीश मिश्रा ने कहा कि वह किसानों के हित से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने आए हैं। उनके साथ सपा कार्यकर्ता संदीप यादव और अनिल यादव भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

समितियों पर ताले, किसान खाद के लिए परेशान

सपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले की कई सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी, यूरिया और पोटाश उपलब्ध नहीं है। कई समितियों के बंद रहने से किसान समय पर खाद नहीं खरीद पा रहे हैं, जिससे धान की बुवाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि खाद की कमी के कारण किसान आर्थिक और कृषि दोनों स्तर पर संकट का सामना कर रहे हैं।

कालाबाजारी और तस्करी पर सख्त कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन के दौरान हरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि खाद की कथित कालाबाजारी और तस्करी के कारण किसानों को निर्धारित दर और समय पर उर्वरक नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। यदि किसी विभागीय अधिकारी या बिचौलिए की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

15 दिनों में खाद उपलब्ध कराने की मांग

सपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि अगले 15 दिनों के भीतर जिले की सभी सहकारी समितियों पर डीएपी, यूरिया और पोटाश की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते किसानों को खाद नहीं मिली तो खेती प्रभावित होगी और इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।