वेणुगोपाल या सतीशन? केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर सस्पेंस
केरल कांग्रेस में नए मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पर्यवेक्षकों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक केसी वेणुगोपाल को सबसे ज्यादा विधायकों का समर्थन मिला है, जबकि रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन के नाम पर भी चर्चा जारी है।
केरल कांग्रेस में नए नेतृत्व और संभावित मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। शुक्रवार को कांग्रेस पर्यवेक्षकों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी। बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली में सौंपी गई।
सूत्रों के अनुसार, पर्यवेक्षकों ने केरल के सभी कांग्रेस विधायकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी राय जानने के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है। इससे पहले सभी विधायकों के साथ सामूहिक बैठक भी की गई थी।
केसी वेणुगोपाल बने विधायकों की पहली पसंद
सूत्रों के मुताबिक, के. सी. वेणुगोपाल को सबसे ज्यादा समर्थन मिला है। बताया जा रहा है कि करीब 40 से 43 विधायक उनके पक्ष में दिखाई दिए हैं। इसी वजह से वे मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं।
हालांकि, उनके नाम पर अंतिम फैसला अभी आसान नहीं माना जा रहा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बेहद करीबी और भरोसेमंद नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या राहुल गांधी उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में ही रखना चाहेंगे या केरल की जिम्मेदारी सौंपेंगे।
रमेश चेन्निथला भी मजबूत विकल्प
सूत्रों के अनुसार, यदि केसी वेणुगोपाल के नाम पर सहमति नहीं बनती है तो रमेश चेन्निथला मुख्यमंत्री पद के लिए बड़ा विकल्प हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि 20 से ज्यादा विधायक उनके समर्थन में हैं।
पार्टी के भीतर उन्हें अनुभवी नेता के तौर पर देखा जा रहा है और संगठन में उनकी पकड़ भी मजबूत मानी जाती है।
वीडी सतीशन को सहयोगी दलों का समर्थन
वहीं वीडी सतीशन को कांग्रेस के साथ-साथ UDF के सहयोगी दलों का भी समर्थन मिलने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक IUML, केरल कांग्रेस (जोसेफ गुट) और RSP जैसे सहयोगी दल सतीशन के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं।
सहयोगी दलों का मानना है कि विपक्ष के नेता के रूप में वीडी सतीशन ने जमीनी स्तर पर मजबूत काम किया है। इसके साथ ही सहयोगियों की राय है कि मुख्यमंत्री पद के लिए किसी विधायक को ही चुना जाना चाहिए।
कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर टिकी नजरें
अब सभी की नजरें कांग्रेस हाईकमान पर टिकी हैं। पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व जल्द ही अंतिम फैसला ले सकता है। केरल कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही चर्चाओं ने राज्य की राजनीति को और गर्म कर दिया है।
