Movie prime

कौन हैं शुभेंदु अधिकारी के साथ शपथ लेने वाले 5 मंत्री? जानिए किसे मिली सबसे बड़ी जिम्मेदारी

पश्चिम बंगाल में BJP की बड़ी जीत के बाद दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निशीथ प्रमाणिक जैसे नेताओं की चर्चा तेज है। जानिए इन नेताओं का राजनीतिक सफर, चुनावी रिकॉर्ड, संगठन में भूमिका और क्यों ये बंगाल BJP के सबसे मजबूत चेहरे माने जा रहे हैं।

 
शपथ लेने वाले 5 मंत्री
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के उन नेताओं की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, जिन्होंने संगठन को जमीन से मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निशीथ प्रमाणिक जैसे नाम प्रमुख हैं। किसी ने संगठन को मजबूती दी तो किसी ने चुनावी मैदान में बड़ी जीत दर्ज कर पार्टी का कद बढ़ाया।

RSS से राजनीति तक, ऐसा रहा दिलीप घोष का सफर

दिलीप घोष पश्चिम बंगाल BJP के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 1 अगस्त 1964 को हुआ था। वे मेदिनीपुर लोकसभा सीट से सांसद रहे और 2019 से जून 2024 तक लोकसभा सदस्य के रूप में सक्रिय रहे।

संसद में रहते हुए उन्होंने गृह मामलों की स्थायी समिति, विशेषाधिकार समिति, अनुमान समिति और कौशल विकास मंत्रालय की सलाहकार समिति जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाईं। इससे पहले वे 2016 से 2019 तक खड़गपुर विधानसभा सीट से विधायक भी रहे।

दिलीप घोष संगठन में भी मजबूत पकड़ रखते हैं। वे 2020 से 2023 तक पश्चिम बंगाल BJP के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। राजनीति में आने से पहले वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे और अंडमान-निकोबार में संघ के प्रभारी के रूप में भी काम किया।

फैशन डिजाइनर से BJP की फायरब्रांड नेता बनीं अग्निमित्रा पॉल

अग्निमित्रा पॉल पश्चिम बंगाल BJP की चर्चित महिला नेताओं में शामिल हैं। उनका जन्म 25 नवंबर 1974 को हुआ था। राजनीति में आने से पहले वे कोलकाता की जानी-मानी फैशन डिजाइनर थीं।

उन्होंने 2019 में BJP जॉइन की और तेजी से पार्टी में अपनी पहचान बनाई। 2021 और फिर 2026 में उन्होंने आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। 2021 के चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सायोनी घोष को हराया था।

अग्निमित्रा पॉल BJP महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। बाद में उन्हें पार्टी का महासचिव और फिर उपाध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने आसनसोल लोकसभा उपचुनाव और मेदिनीपुर लोकसभा चुनाव भी लड़ा, हालांकि वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

अशोक कीर्तनिया ने बांगांव उत्तर में दर्ज की बड़ी जीत

अशोक कीर्तनिया बांगांव उत्तर सीट से BJP विधायक हैं। वे पहली बार 2021 में विधानसभा पहुंचे थे। उस चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार श्यामल रॉय को हराया था।

2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने और भी बड़ी जीत दर्ज की। उन्हें 1.19 लाख से ज्यादा वोट मिले और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 40 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया। अशोक कीर्तनिया की पहचान संगठन के मजबूत जमीनी नेता के रूप में होती है।

आदिवासी समाज में BJP का बड़ा चेहरा हैं खुदीराम टुडु

खुदीराम टुडु पश्चिम बंगाल के रानीबांध (एसटी) सीट से विधायक हैं और संथाल आदिवासी समाज से आते हैं। 2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार तनुश्री हांसदा को बड़े अंतर से हराया। उनकी जीत को आदिवासी क्षेत्रों में BJP की मजबूत पकड़ का संकेत माना गया। पार्टी ने सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें शुभेंदु सरकार में अहम चेहरा माना है।

उत्तर बंगाल में BJP का मजबूत चेहरा बने निशीथ प्रमाणिक

निशिथ प्रमानिक उत्तर बंगाल में BJP का बड़ा नाम माने जाते हैं। वे राजवंशी समाज से आते हैं और क्षेत्र में मजबूत जनाधार रखते हैं। वे केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री और युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मोदी कैबिनेट के सबसे युवा मंत्रियों में उनका नाम शामिल रहा।

निशीथ प्रमाणिक कूचबिहार से सांसद और दिनहाटा से विधायक भी रह चुके हैं। उन्होंने राजनीति की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस से की थी, लेकिन 2019 में BJP में शामिल हो गए। 2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने माथाभांगा सीट से बड़ी जीत दर्ज कर उत्तर बंगाल में पार्टी की ताकत और मजबूत कर दी।

बंगाल BJP की नई रणनीति के केंद्र में ये चेहरे

पश्चिम बंगाल में BJP की बढ़ती ताकत के पीछे इन नेताओं की संगठन क्षमता, सामाजिक पकड़ और चुनावी रणनीति को बड़ी वजह माना जा रहा है। कोई आदिवासी समाज में पार्टी को मजबूत कर रहा है तो कोई महिला वोट बैंक और उत्तर बंगाल में BJP का विस्तार करने में अहम भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में बंगाल की राजनीति में इन चेहरों की भूमिका और भी अहम मानी जा रही है।