सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में बड़ा एक्शन, तीन अवैध मदरसे सील, PAC-RAF की तैनाती
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में चर्चित सूर्या हत्याकांड के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने अपराधियों व असामाजिक तत्वों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया है। ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत पिछले तीन दिनों से लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस की टीमें हिस्ट्रीशीटरों, वांछित बदमाशों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
इसी अभियान के तहत मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खोड़ा क्षेत्र में संचालित तीन अवैध मदरसों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात रहे।
सूर्या हत्याकांड के बाद शुरू हुआ अभियान
प्रशासन का यह विशेष अभियान सूर्या हत्याकांड के बाद शुरू किया गया है। इस मामले के मुख्य आरोपी असद को पुलिस पहले ही मुठभेड़ में ढेर कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अपराधियों में भय पैदा करने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अवैध मदरसों पर हुई कार्रवाई
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि क्षेत्र में संचालित अवैध मदरसों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान तीन ऐसे मदरसे चिन्हित किए गए, जिनके पास आवश्यक पंजीकरण और मान्यता नहीं थी। प्रशासन ने इन्हें सील कर दिया है और संबंधित संस्थानों पर नोटिस चस्पा कर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है।
प्रशासन के अनुसार इन मदरसों का न तो वैध पंजीकरण था और न ही वे संबंधित अल्पसंख्यक बोर्ड में दर्ज थे, जिसके चलते कार्रवाई की गई।
तीन बिंदुओं पर केंद्रित है अभियान
प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ तीन प्रमुख बिंदुओं पर आधारित है।
पहला, घर-घर जाकर अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन करना।
दूसरा, अपराध से जुड़े लोगों को थाने बुलाकर पूछताछ और आवश्यक चेतावनी देना।
तीसरा, सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों और अवैध गतिविधियों की जांच कर कार्रवाई करना।
अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मकसद केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और नियमों के उल्लंघन पर भी प्रभावी रोक लगाना है।
सुरक्षा व्यवस्था की गई मजबूत
खोड़ा क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ की अतिरिक्त कंपनियां भी तैनात की गई हैं। प्रशासन द्वारा पूरे इलाके में फ्लैग मार्च निकालने की तैयारी भी की गई है।
अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी से लोगों में विश्वास बढ़ेगा और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
