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कोर्ट के आदेश पर खुली अफजाल अंसारी की सील कोठी, टूटे मिले अलमारी के लॉक, सांसद ने लगाए गंभीर आरोप

 
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लखनऊ: गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी की लखनऊ के डालीबाग स्थित सील कोठी बुधवार दोपहर कोर्ट के आदेश के बाद खोल दी गई। करीब चार साल से सील इस कोठी को नगर निगम की टीम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में खोला और इसकी चाबियां अफजाल अंसारी व उनके परिवार को सौंप दीं।

कोठी पर कब्जा लेने के लिए अफजाल अंसारी अपनी दोनों बेटियों के साथ डालीबाग पहुंचे। उनके पहुंचने की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग भी जुट गए। कोर्ट से उनकी पत्नी फरहत अंसारी के पक्ष में फैसला आने के बाद कोठी वापस करने की प्रक्रिया शुरू हुई।

अलमारियों के लॉक टूटे मिलने का आरोप

कोठी खुलने के बाद अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया कि अंदर कई अलमारियों के लॉक टूटे हुए मिले हैं। उनका कहना है कि इन अलमारियों में उनकी बेटी की शादी के लिए खरीदे गए कीमती जेवर और लाखों रुपये का सामान रखा था।

अफजाल अंसारी ने यह भी आरोप लगाया कि कोठी सील किए जाने के कुछ दिन बाद ही वहां चोरी हुई थी। उनका दावा है कि इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने उनकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। हालांकि, चोरी और सामान के नुकसान से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि खबर लिखे जाने तक नहीं हुई है।

2022 में गाजीपुर प्रशासन ने कराई थी सील

डालीबाग की यह आलीशान कोठी करीब 6,700 वर्गफीट क्षेत्रफल में बनी है और दस्तावेजों के अनुसार फरहत अंसारी के नाम पर है। गाजीपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर 28 अक्टूबर 2022 को गाजीपुर पुलिस लखनऊ पहुंची थी और कोठी को सील कर दिया था। इसके बाद इसकी देखरेख और निगरानी की जिम्मेदारी लखनऊ नगर आयुक्त को सौंपी गई थी।

बाद में गाजीपुर की अदालत ने फरहत अंसारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कोठी उन्हें वापस करने का आदेश दिया। इसके बाद गाजीपुर प्रशासन की ओर से लखनऊ के नगर आयुक्त को पत्र भेजकर सील हटाने और संपत्ति वापस सौंपने के निर्देश दिए गए।

डीएम के आदेश के बाद बुधवार को नगर निगम की टीम कोठी पर पहुंची। इस दौरान नायब तहसीलदार राजेंद्र कुमार और लेखपाल समेत प्रशासनिक कर्मचारी मौजूद रहे।

मुख्तार अंसारी परिवार से जुड़ाव के कारण रही चर्चा में

डालीबाग स्थित यह कोठी लंबे समय से मुख्तार अंसारी और उनके बड़े भाई अफजाल अंसारी के परिवार से जुड़े होने के कारण प्रशासनिक कार्रवाई और निगरानी के केंद्र में रही है। कोठी के बाहर मुख्य गेट के सामने काफी कूड़ा भी पड़ा था, जिसे नगर निगम की टीम ने हटवाया। इसके बाद सील खोलने और संपत्ति सौंपने की कार्रवाई पूरी की गई।

अब बदला हुआ है कोठी तक पहुंचने का रास्ता

कोठी के मुख्य रास्ते में भी अब बदलाव हो गया है। पहले इसका गेट डालीबाग की मुख्य सड़क की ओर खुलता था, लेकिन अब एलडीए की सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना की बाउंड्री बनने के बाद पुराना गेट बंद हो गया है। यह आवासीय योजना उस जमीन पर विकसित की गई है, जिसे प्रशासन ने मुख्तार अंसारी से कब्जा मुक्त कराया था।

अब कोठी तक पहुंचने के लिए 1090 की तरफ बंधा रोड से रास्ता बनाया गया है।