संभल SP की शादी में सपा विधायकों की मौजूदगी पर अखिलेश यादव ने जताई नाराजगी, कहा- ऐसे कार्यक्रमों में...
Updated: Apr 4, 2026, 19:13 IST
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में एक शादी समारोह ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। संभल के पुलिस अधीक्षक के.के. बिश्नोई के रिसेप्शन में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं और विधायकों की मौजूदगी को लेकर पार्टी के अंदर हलचल तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने नाराजगी जताई है।
जोधपुर में हुआ था भव्य रिसेप्शन
दरअसल, उत्तर प्रदेश कैडर के दो आईपीएस अधिकारियों- संभल के एसपी के.के. बिश्नोई और बरेली की एसपी अंशिका वर्मा का विवाह समारोह 30 मार्च को जोधपुर में आयोजित किया गया था।
इस रिसेप्शन में बीजेपी के कई बड़े नेताओं के साथ सपा के तीन विधायक—इकबाल महमूद, पिंकी यादव और राम खिलाड़ी यादव भी शामिल हुए।
वायरल तस्वीरों से बढ़ा विवाद
कार्यक्रम में शामिल हुए सपा विधायकों ने नवविवाहित जोड़े के साथ मंच पर जाकर तस्वीरें भी खिंचवाईं। जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, मामला लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय तक पहुंच गया।
इसके बाद अखिलेश यादव ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को ऐसे कार्यक्रमों में शामिल नहीं होना चाहिए था और इस विषय पर उनसे बात की जाएगी।
संभल हिंसा से जुड़ा है विवाद
यह मामला इसलिए और संवेदनशील हो गया है क्योंकि हाल ही में संभल की जामा मस्जिद सर्वे के बाद हुई हिंसा, बुलडोजर कार्रवाई और गिरफ्तारियों को लेकर सपा लगातार पुलिस प्रशासन, खासकर एसपी के.के. बिश्नोई पर हमलावर रही है।
ऐसे में उसी अधिकारी के निजी कार्यक्रम में सपा विधायकों की मौजूदगी पार्टी के भीतर असहजता का कारण बन गई है।
बीजेपी का सपा पर तंज
वहीं, इस पूरे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार किया है। भाजपा का कहना है कि सपा में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है और वहां नेताओं को निजी सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने की भी स्वतंत्रता नहीं है।
जोधपुर में हुआ था भव्य रिसेप्शन
दरअसल, उत्तर प्रदेश कैडर के दो आईपीएस अधिकारियों- संभल के एसपी के.के. बिश्नोई और बरेली की एसपी अंशिका वर्मा का विवाह समारोह 30 मार्च को जोधपुर में आयोजित किया गया था।
इस रिसेप्शन में बीजेपी के कई बड़े नेताओं के साथ सपा के तीन विधायक—इकबाल महमूद, पिंकी यादव और राम खिलाड़ी यादव भी शामिल हुए।
वायरल तस्वीरों से बढ़ा विवाद
कार्यक्रम में शामिल हुए सपा विधायकों ने नवविवाहित जोड़े के साथ मंच पर जाकर तस्वीरें भी खिंचवाईं। जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, मामला लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय तक पहुंच गया।
इसके बाद अखिलेश यादव ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को ऐसे कार्यक्रमों में शामिल नहीं होना चाहिए था और इस विषय पर उनसे बात की जाएगी।
संभल हिंसा से जुड़ा है विवाद
यह मामला इसलिए और संवेदनशील हो गया है क्योंकि हाल ही में संभल की जामा मस्जिद सर्वे के बाद हुई हिंसा, बुलडोजर कार्रवाई और गिरफ्तारियों को लेकर सपा लगातार पुलिस प्रशासन, खासकर एसपी के.के. बिश्नोई पर हमलावर रही है।
ऐसे में उसी अधिकारी के निजी कार्यक्रम में सपा विधायकों की मौजूदगी पार्टी के भीतर असहजता का कारण बन गई है।
बीजेपी का सपा पर तंज
वहीं, इस पूरे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार किया है। भाजपा का कहना है कि सपा में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है और वहां नेताओं को निजी सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने की भी स्वतंत्रता नहीं है।
