Movie prime

LPG Gas की कमी पर अखिलेश यादव का बड़ा दावा, बोले– जनता के गुस्से से बचने के लिए BJP नेताओं ने गाड़ियों से उतारे झंडे

 
 Akhilesh Yadav का हमला: अमेरिका-इजरायल हमलों पर केंद्र की चुप्पी क्यों? बोले– देश में ‘सरकार-शून्यता’ का दौर
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

लखनऊ। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद Akhilesh Yadav ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि गैस संकट से नाराज जनता के गुस्से से बचने के लिए भाजपा नेताओं ने अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे तक उतार दिए हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर की गई एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा कि यदि भाजपा यह दावा कर रही है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर पार्टी के मंत्री, सांसद, विधायक और कार्यकर्ता जनता के बीच दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाले भाजपा नेताओं को भूमिगत ठिकानों से बाहर निकलकर जनता के बीच जाना चाहिए और गैस एजेंसियों से लोगों को गैस दिलवाने में मदद करनी चाहिए।

“क्या अब जनता भाजपाइयों के घरों का घेराव करे?”

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब जनता को भाजपा नेताओं के घरों, कार्यालयों या उनके प्रतिष्ठानों का घेराव करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई भाजपा नेता अपनी गाड़ियों से पार्टी के झंडे उतारकर घूम रहे हैं ताकि लोगों की नाराजगी का सामना न करना पड़े।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जब भी किसी चीज की कमी बढ़ती है, भाजपा सरकार उसे नकारने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में ऑक्सीजन गैस की कमी हो या फिर खाद और रसोई गैस की समस्या, हर बार सरकार ने स्थिति को स्वीकार करने के बजाय उसे छिपाने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा आपदा के समय भी कालाबाजारी को बढ़ावा देने वाले तत्वों को रोकने में नाकाम रहती है।

“जनता क्यों भुगते सरकार की गलतियों का खामियाजा?”

सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार की गलतियों का खामियाजा आम जनता को क्यों भुगतना पड़े। उन्होंने भाजपा नेताओं से अपील की कि यदि वास्तव में सेवा का दावा करते हैं तो जरूरतमंद लोगों के लिए मुफ्त भोजनालय चलाएं और संकट के समय जनता की मदद करें।




राजनीतिक बयानबाजी के बीच गैस आपूर्ति को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर आगे क्या राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आती है।