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NEET बायोमेट्रिक घोटाले पर अखिलेश यादव ने बीजेपी को घेरा, बोले- 'अब तो इस्तीफा दे दो'

 
 Akhilesh Yadav का हमला: अमेरिका-इजरायल हमलों पर केंद्र की चुप्पी क्यों? बोले– देश में ‘सरकार-शून्यता’ का दौर
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने NEET परीक्षा में कथित बायोमेट्रिक घोटाले को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में फिर से बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई है। उन्होंने कहा कि किसी और के स्थान पर परीक्षा दिलाने की साजिश रची गई और बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में भी कथित तौर पर अनियमितताएं की गईं।

उन्होंने लिखा कि यदि एक केंद्र पर मामला उजागर हुआ है, तो यह आशंका भी है कि अन्य कई परीक्षा केंद्रों पर भी इसी तरह की घटनाएं हुई होंगी। अखिलेश ने युवाओं के साथ हो रहे इस कथित अन्याय को गंभीर बताते हुए कहा कि छात्रों, अभिभावकों और समाज को इसके खिलाफ एकजुट होना चाहिए।

भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

सपा प्रमुख ने अपने बयान में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में परीक्षा संबंधी धांधलियों और अनियमितताओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों के बीच जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से केंद्रीय शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।

बिहार में सामने आया डमी उम्मीदवारों का मामला

दरअसल, बिहार के लखीसराय जिले में NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा के दौरान कथित तौर पर असली उम्मीदवारों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा दिलाने का मामला सामने आया है। पुलिस कार्रवाई में अब तक 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में 9 डमी उम्मीदवार, एक वास्तविक अभ्यर्थी, एक कथित नेटवर्क संचालक और बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े 18 कर्मचारी शामिल हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए बड़ी रकम लेकर परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया जा रहा था।

पुलिस जांच जारी

बिहार पुलिस के अनुसार, लखीसराय के तीन परीक्षा केंद्रों पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद निगरानी बढ़ाई गई थी। जांच के दौरान नौ ऐसे लोगों को पकड़ा गया, जो कथित तौर पर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। इस घटना के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।