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अपर्णा यादव ने जलाया सपा का झंडा तो बोले अखिलेश, नवविवाहित जोड़ों के चूड़े तक में...

 
 Akhilesh Yadav का हमला: अमेरिका-इजरायल हमलों पर केंद्र की चुप्पी क्यों? बोले– देश में ‘सरकार-शून्यता’ का दौर
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लखनऊ: महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव द्वारा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के झंडे जलाने के बाद अब इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन रंगों का संबंध भावनाओं और धर्म से होता है। उन्होंने कहा कि हर धर्म और समाज का एक प्रतीक रंग होता है, जिससे लोगों की आस्था जुड़ी होती है।

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि समाजवादियों का लाल रंग केवल क्रांति का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपराओं से भी जुड़ा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देवी-देवताओं के वस्त्र, हनुमान जी का स्वरूप और नवविवाहित जोड़ों के चूड़े तक में लाल रंग का विशेष महत्व है। ऐसे में किसी भी प्रकार का कदम उठाते समय लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा महिलाओं के अधिकार और सम्मान की पक्षधर रही है। “हम आधी आबादी को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं,” उन्होंने कहा। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि महिलाओं की गिनती और अधिकार तय करने का मापदंड क्या होगा।

दरअसल, महिला आरक्षण बिल पारित न होने के बाद अपर्णा यादव ने विरोध जताते हुए सपा और कांग्रेस के झंडे जलाए थे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में विपक्षी दलों पर महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने का आरोप लगाया था और इस घटना को “अंधेरी रात” बताया था।

अपर्णा यादव के इस कदम के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।