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अयोध्या राम मंदिर में बदले दान गिनती के नियम, अब जमीन पर होगी नोटों की गिनती, कर्मचारियों पर रहेगी कड़ी निगरानी

 
Ram Mandir Donation Theft
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अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने दान गिनती की पूरी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से काउंटिंग रूम में कई नए नियम लागू कर दिए गए हैं।

अब दान में आए नोटों की गिनती टेबल-कुर्सी पर नहीं, बल्कि जमीन पर गद्दे और प्लाईवुड बिछाकर की जा रही है। गिनती के दौरान कर्मचारियों को आपस में बातचीत करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही यदि कोई कर्मचारी बार-बार बाथरूम जाता है, तो उस पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।

सीसीटीवी से होगी हर गतिविधि की निगरानी

काउंटिंग रूम की हर गतिविधि पर अब सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी नजर रखी जा रही है। मॉनिटरिंग रूम में तैनात कर्मचारियों को भी ड्यूटी के दौरान अपनी सीट छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। दान की गिनती करने वाले कर्मचारी पहले की तरह निर्धारित डार्क ब्लू ड्रेस में ही कार्य करेंगे। वहीं, कैंटीन में भी कर्मचारियों के अधिक समय तक रुकने पर रोक लगाई गई है।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य दान की गिनती को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है, ताकि भविष्य में इस तरह की कोई घटना दोबारा न हो।

आरोपी के 15 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन की जांच

उधर, दान चोरी मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला की आर्थिक गतिविधियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। जांच एजेंसियों को उसके 15 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन की जानकारी मिली है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम कहीं दान की कथित चोरी से तो नहीं जुड़ी है।

जांच में यह भी सामने आया है कि अविनाश ने अपनी एक महिला मित्र को करीब दो लाख रुपये नकद और एक महंगा मोबाइल फोन उपहार में दिया था। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसके पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई।

भाई को भी हुआ था शक

पुलिस जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि अविनाश का भाई उसे कई बार ड्यूटी के बाद नकदी लेकर योग केंद्र जाते हुए देख चुका था। जब उसने पैसे के स्रोत के बारे में पूछा तो अविनाश ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

बाद में भाई अभिषेक ने अनुकल्प से भी इस बारे में सवाल किया। बताया गया कि उसे जवाब मिला कि मंदिर में जजमान खुशी से पैसे दे देते हैं और दर्शन कराने में मदद के बदले भी लोग नकद दे जाते हैं। साथ ही उसे इस विषय पर दोबारा चर्चा न करने की सलाह दी गई थी।

फिलहाल पुलिस इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है और मामले से जुड़े आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल जारी है।