Movie prime

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा: 70 नहीं, CCTV में 105 घटनाएं रिकॉर्ड, 25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट

 
Ram Mandir
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान की कथित चोरी के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर बताया कि मंदिर के CCTV फुटेज में चोरी की 70 नहीं, बल्कि 105 संदिग्ध घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। टीम ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों की जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की है।

SIT के मुताबिक मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान की रसीदें सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार की जाती हैं और सामान को SBI के लॉकर में सुरक्षित रखा जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है। इससे पहले 23 जून को पहली SIT ने अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी थी। उस रिपोर्ट में 27 अप्रैल से 5 जून के बीच CCTV में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं सामने आने की बात कही गई थी। फुटेज में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आठ आरोपी कथित तौर पर नोटों की गड्डियां जेब और जूतों में छिपाते हुए दिखाई दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच के लिए दूसरी SIT गठित की गई थी। सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि SIT 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल कर देगी। कोर्ट ने संबंधित मजिस्ट्रेट को कानून के मुताबिक चार्जशीट पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने SIT रिपोर्ट की कॉपी मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल इसे देने से इनकार कर दिया। CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि वह मामले को सेशन जज के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं करना चाहती। जरूरत पड़ने पर आगे की जांच को लेकर आदेश जारी किया जा सकता है।

इस मामले में 22 सितंबर को 90 दिन की अवधि पूरी होने की बात भी सामने आई है। वरिष्ठ अधिवक्ता शिवम पांडेय के मुताबिक, जिन मामलों में कानून के तहत 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना जरूरी होता है, वहां समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी वैधानिक यानी डिफॉल्ट बेल का दावा कर सकते हैं। ऐसे में 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करना जांच एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

25 जून को रामजन्मभूमि थाने में आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

पुलिस के मुताबिक, रामशंकर यादव के पास बिना किसी औपचारिक आदेश के दानपात्रों की चाबियां थीं, जबकि अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र नकदी की गिनती से जुड़े थे।

पुलिस का दावा है कि अनुकल्प के घर से करीब 20 लाख रुपये और लवकुश के घर से करीब 10 लाख रुपये बरामद किए गए। इसके अलावा अविनाश शुक्ल के बैंक खाते से करीब 5 लाख रुपये की रिकवरी का भी पुलिस ने दावा किया है। मामले में चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति छिपाने या उसके इस्तेमाल में मदद, आपराधिक साजिश और साझा मंशा समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है।