मेरा बेटा वापस ला दो...रूसी हमले में देवरिया के 22 वर्षीय नाविक की मौत, इकलौते बेटे को खोने के बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले 22 वर्षीय अभिषेक निषाद की यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर हुए रूसी हमले में मौत हो गई। इकलौते बेटे को खोने के बाद पूरा परिवार सदमे में है। मां अनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। घर आने वाले हर व्यक्ति से वह बस एक ही बात कह रही हैं- "मेरा बेटा कोई वापस ला दो... वह मेरा हीरा था।" उनकी यह पुकार सुनकर गांव का हर व्यक्ति भावुक हो उठता है।
अभिषेक गौरीबाजार थाना क्षेत्र के करमेल गांव का रहने वाला था। वह तुर्की की 'गोल्डन लिओ' नामक मालवाहक जहाज पर सीमैन (नाविक) के रूप में कार्यरत था। यह जहाज यूक्रेन से सामान लेकर सीरिया जा रहा था। इसी दौरान 19 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह पर हुए रूसी हमले में उसकी मौत हो गई। अगले दिन शिपिंग कंपनी के एजेंट ने फोन कर परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी दी।
बेटे के सपनों के लिए पिता ने लिया था कर्ज
अभिषेक के पिता कौशल निषाद खेती-किसानी करते हैं। सीमित आय के बावजूद उन्होंने बेटे का सपना पूरा करने के लिए करीब साढ़े पांच लाख रुपये का कर्ज लिया और उसे मर्चेंट नेवी की ट्रेनिंग के लिए लखनऊ भेजा। उन्हें उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी मिलने के बाद बेटे की कमाई से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
बहनों की शादी और नया घर बनाने का था सपना
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अभिषेक मुंबई से तुर्की गया और जहाज पर नौकरी शुरू की। घर से निकलते समय उसने पिता से कहा था कि बड़ी बहन की शादी की तैयारी शुरू कर दें। वह अपनी दोनों बहनों की अच्छी शादी कराना और परिवार के लिए नया घर बनवाना चाहता था। लेकिन उसके सभी सपने अधूरे रह गए।
मौत की खबर सुनकर टूट गया परिवार
जैसे ही अभिषेक की मौत की सूचना घर पहुंची, पिता बेसुध हो गए। मां और दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। छोटी बहन बार-बार यही कह रही है कि अब वह रक्षाबंधन पर किसकी कलाई पर राखी बांधेगी। बड़ी बहन भी गहरे सदमे में है और किसी से बात तक नहीं कर पा रही।
दोस्त बोले- आखिरी वीडियो कॉल में बमबारी दिखा रहा था
अभिषेक के दोस्तों ने बताया कि वह बेहद मेहनती और मिलनसार था। विदेश में नौकरी मिलने से वह बेहद खुश था। घटना से कुछ समय पहले उसने वीडियो कॉल कर वहां हो रही बमबारी दिखाई थी और कहा था कि हालात बेहद डरावने हैं। किसी को अंदाजा नहीं था कि वही उसकी आखिरी बातचीत होगी।
शव भारत लाने की प्रक्रिया जारी
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने परिवार से संपर्क किया है। भारतीय दूतावास और शिपिंग कंपनी के सहयोग से अभिषेक का शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने परिवार को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।
