राम मंदिर दान चोरी मामले में चंपत राय से पुलिस ने की दो घंटे पूछताछ, बोले- चोरी पकड़ने के लिए मैंने ही...
अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से पुलिस ने करीब दो घंटे तक बंद कमरे में पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि कथित चोरी का खुलासा कराने में उनकी ही भूमिका थी और उनके साथ भरोसा तोड़ा गया।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में चंपत राय ने कहा कि जिन लोगों पर उन्होंने विश्वास किया था, उन्हीं लोगों ने उन्हें धोखा दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि दान में गड़बड़ी का पता लगाने के लिए उन्होंने ही गिनती कक्ष में गुप्त निगरानी कैमरे लगवाए थे।
'मैंने ही लगवाए थे कैमरे'
पूछताछ के दौरान चंपत राय ने जांच अधिकारियों से कहा, "मेरे साथ धोखा हुआ। चोरी पकड़ने के लिए मैंने ही छिपे हुए कैमरे लगवाए थे।" उनका कहना था कि भक्तों के दान में कथित गबन से उनका कोई संबंध नहीं है।
इसी मामले में ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा से भी अलग से पूछताछ की गई। उनसे मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, दान संग्रह और रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली गई।
पुलिस फिलहाल गवाह मान रही
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल पुलिस चंपत राय को आरोपी नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण गवाह मानकर पूछताछ कर रही है। इस मामले में दर्ज एफआईआर में उनका नाम आरोपी के रूप में शामिल नहीं है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दान की गिनती और जमा करने की प्रक्रिया में कहीं कोई लापरवाही या प्रक्रियागत खामी तो नहीं थी, और क्या सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त थी।
कैमरों से सामने आया था कथित मामला
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट को उस समय गड़बड़ी का संदेह हुआ जब दान पेटियों से निकली राशि और बैंक में जमा रकम के बीच बार-बार अंतर पाया गया। इसके बाद दान की गिनती वाले कमरे में कथित तौर पर गुप्त कैमरे लगाए गए।
बताया जा रहा है कि इन कैमरों की फुटेज में कुछ कर्मचारियों को आधिकारिक गिनती से पहले नकदी और आभूषण निकालते हुए देखा गया, जिसके बाद कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया और जांच शुरू हुई।
चंपत राय के खिलाफ शिकायत की तैयारी
इस बीच, मामले में नया मोड़ तब आया जब फैजाबाद बार एसोसिएशन से जुड़े कुछ वकीलों ने चंपत राय के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को वकील कोर्ट परिसर से राम जन्मभूमि थाने तक मार्च निकालकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली शिकायत पुलिस को सौंपेंगे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
