बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत में देरी बर्दाश्त नहीं, CM योगी ने अधिकारियों को किया अलर्ट, फील्ड में उतरने के निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और कई इलाकों में जलभराव व बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, सहारनपुर और गाजियाबाद समेत कई शहरों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में हर साल जलभराव की समस्या सामने आती है, वहां पहले से लो-लैंड इलाकों को चिन्हित कर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पम्पिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने नालों की सफाई को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिल्ट, कूड़े या अतिक्रमण के कारण जिन नालों में पानी की निकासी प्रभावित हो रही है, उनकी तत्काल सफाई कराई जाए। अधिकारियों को केवल कार्यालयों से स्थिति की निगरानी करने के बजाय खुद मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेने और लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने को कहा गया है।
नगर निकायों की जलनिकासी और सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने महापौर, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्षों को स्थानीय पार्षदों के साथ क्षेत्र में जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। नालों पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर तत्काल हटाने और सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को भी कहा गया। साथ ही मुख्यालय स्तर से प्रदेश के सभी 762 नगर निकायों की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
19 जिलों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 19 बाढ़ प्रभावित जनपदों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी जिलाधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और कंट्रोल रूम को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाढ़ प्रभावित किसी भी परिवार तक राहत पहुंचने में देरी नहीं होनी चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों में पका हुआ भोजन और पर्याप्त मात्रा में सूखा खाद्यान्न उपलब्ध कराने के साथ राहत सामग्री के वितरण में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
नदी कटान वाले क्षेत्रों में भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां नदी की धारा आबादी की ओर बढ़ रही है या उसका रुख बदल रहा है, वहां समय रहते ड्रेजिंग कराई जाए। बाढ़ के कारण जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भूमि का पट्टा उपलब्ध कराने के साथ मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष और तस्करी पर भी नजर
बहराइच में मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीमावर्ती जिलों में तस्करी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
भ्रामक वीडियो फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
स्कूल-कॉलेजों से जुड़े भ्रामक वीडियो और गलत सूचनाओं के प्रसार पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गलत और भ्रामक जानकारी के जरिए माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने और मिड-डे मील, शौचालय, कक्षाओं समेत अन्य सुविधाओं की जमीनी स्थिति जांचने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिलना चाहिए। इसके साथ ही बाल वाटिकाओं का संचालन भी प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
