UP में पहली बार डिजिटल जनगणना: घर बैठे खुद भर सकेंगे डेटा, जानिए पूरी प्रक्रिया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में साल 2027 की जनगणना को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। इस बार जनगणना कई मायनों में खास होगी, क्योंकि पहली बार इसे पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया जाएगा। डेटा संग्रह से लेकर उसकी एंट्री, सत्यापन और निगरानी तक की सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होंगी।
डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया, खुद भी भर सकेंगे जानकारी
इस बार लोगों को ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा। यानी नागरिक खुद अपने डेटा को ऑनलाइन भरकर जनगणना में भाग ले सकेंगे। इससे प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और आसान बनने की उम्मीद है।
दो चरणों में पूरी होगी जनगणना
जनगणना का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा:
पहला चरण (मकान सूचीकरण):
7 मई से 21 मई तक स्व-गणना
22 मई से 20 जून तक अधिकारी घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे
दूसरा चरण (जनसंख्या गणना):
इसी चरण में जातिगत गणना भी की जाएगी
पहले चरण में पूछे जाएंगे 33 अहम सवाल
मकान और परिवार से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए अधिकारियों द्वारा 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
मकान और भवन नंबर
फर्श, दीवार और छत की सामग्री
मकान का उपयोग और उसकी स्थिति
परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया का विवरण
जाति वर्ग (सामान्य, SC, ST, OBC)
पानी, बिजली, शौचालय और गैस कनेक्शन
इंटरनेट, टीवी, मोबाइल और वाहन जैसी सुविधाएं
मुख्य अनाज और मोबाइल नंबर
6 लाख से ज्यादा कर्मचारी होंगे तैनात
इस विशाल जनगणना अभियान के लिए प्रदेश में करीब 6 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ये कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करेंगे और उसे डिजिटल सिस्टम में अपलोड करेंगे।
राज्य स्तर पर बनेगा नोडल कार्यालय
पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर एक नोडल कार्यालय स्थापित किया जाएगा, जो डेटा की जांच और प्रबंधन का काम करेगा।
क्या बदलेगा इस जनगणना से?
डिजिटल जनगणना से न सिर्फ डेटा की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि सरकारी योजनाओं को सही दिशा देने में भी मदद मिलेगी। खासतौर पर जातिगत आंकड़ों के आधार पर नीतियां बनाने में यह अहम भूमिका निभाएगी।
