पहले दिखाया मुनाफा, फिर लगाया करोड़ों का चूना…क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर बुजुर्ग से 1.15 करोड़ की ठगी
Updated: Apr 28, 2026, 10:49 IST
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खनऊ में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। जालसाजों ने निवेश और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर एक बुजुर्ग से करीब 1 करोड़ 15 लाख रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज और नकली निवेश योजनाओं के जरिए रकम हड़प ली।
मामले में साइबर सेल कृष्णानगर में शिकायत दर्ज कर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बैंक कर्मचारी के जरिए हुई थी मुलाकात
पीड़ित राजेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक वर्ष 2019 में यूनियन बैंक के एक कर्मचारी के माध्यम से उनकी मुलाकात हिमांशु गिहार उर्फ आजाद से हुई थी। आरोपी ने खुद को ट्रेडिंग और SIP निवेश का विशेषज्ञ बताते हुए ज्यादा मुनाफे का भरोसा दिलाया। इसके बाद वह घर आकर अलग-अलग योजनाओं में पैसा निवेश करवाने लगा।
पहले लौटाए पैसे, फिर बढ़ाया निवेश
पीड़ित के अनुसार शुरुआत में आरोपी ने कुछ रकम वापस भी की, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद आरोपी ने यूबीआई रिलायंस, विश्वास ट्रेडिंग, संकल्प ट्रेडिंग, टेक-पे, एलाइंस ब्लू, विश्वास सिक्योरिटी और एसएमसी सिक्योरिटी जैसी कंपनियों में निवेश के नाम पर लाखों रुपए जमा कराए।
बाद में आरोपी ने ट्रेडिंग में नुकसान होने की बात कहकर क्रिप्टो करेंसी और “आई फाचून मशीन” में निवेश करवाना शुरू कर दिया।
अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए पैसे
शिकायत के मुताबिक वर्ष 2023 से 2025 के बीच आरोपी ने अलग-अलग खातों में कुल 1,15,03,088 रुपए ट्रांसफर कराए।
इनमें से करीब 93.61 लाख रुपए “आनन्दी इंटरप्राइजेज” के नाम पर भेजे गए, जबकि बाकी रकम आरोपी और उसके सहयोगियों के खातों में जमा कराई गई।
खुद मोबाइल लेकर करता था ट्रांजैक्शन
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी ई-मेल और मैसेज के जरिए पैसे मांगता था और ट्रांसफर के स्क्रीनशॉट भी मंगवाता था। कई बार वह खुद मोबाइल लेकर ऑनलाइन लेनदेन करता था। आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि नवंबर 2025 से पूरी रकम मुनाफे के साथ वापस मिलनी शुरू हो जाएगी।
बेटे ने खोला ठगी का राज
जब तय समय पर पैसा वापस नहीं मिला, तब पीड़ित ने अपने बेटे को पूरी जानकारी दी। बेटे ने ऑनलाइन जांच और आरोपी द्वारा दी गई निवेश बुकलेट की पड़ताल की, जिसमें दस्तावेज फर्जी निकले।
इसके बाद पूरे ठगी मामले का खुलासा हुआ और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई।
मामले में साइबर सेल कृष्णानगर में शिकायत दर्ज कर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बैंक कर्मचारी के जरिए हुई थी मुलाकात
पीड़ित राजेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक वर्ष 2019 में यूनियन बैंक के एक कर्मचारी के माध्यम से उनकी मुलाकात हिमांशु गिहार उर्फ आजाद से हुई थी। आरोपी ने खुद को ट्रेडिंग और SIP निवेश का विशेषज्ञ बताते हुए ज्यादा मुनाफे का भरोसा दिलाया। इसके बाद वह घर आकर अलग-अलग योजनाओं में पैसा निवेश करवाने लगा।
पहले लौटाए पैसे, फिर बढ़ाया निवेश
पीड़ित के अनुसार शुरुआत में आरोपी ने कुछ रकम वापस भी की, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद आरोपी ने यूबीआई रिलायंस, विश्वास ट्रेडिंग, संकल्प ट्रेडिंग, टेक-पे, एलाइंस ब्लू, विश्वास सिक्योरिटी और एसएमसी सिक्योरिटी जैसी कंपनियों में निवेश के नाम पर लाखों रुपए जमा कराए।
बाद में आरोपी ने ट्रेडिंग में नुकसान होने की बात कहकर क्रिप्टो करेंसी और “आई फाचून मशीन” में निवेश करवाना शुरू कर दिया।
अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए पैसे
शिकायत के मुताबिक वर्ष 2023 से 2025 के बीच आरोपी ने अलग-अलग खातों में कुल 1,15,03,088 रुपए ट्रांसफर कराए।
इनमें से करीब 93.61 लाख रुपए “आनन्दी इंटरप्राइजेज” के नाम पर भेजे गए, जबकि बाकी रकम आरोपी और उसके सहयोगियों के खातों में जमा कराई गई।
खुद मोबाइल लेकर करता था ट्रांजैक्शन
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी ई-मेल और मैसेज के जरिए पैसे मांगता था और ट्रांसफर के स्क्रीनशॉट भी मंगवाता था। कई बार वह खुद मोबाइल लेकर ऑनलाइन लेनदेन करता था। आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि नवंबर 2025 से पूरी रकम मुनाफे के साथ वापस मिलनी शुरू हो जाएगी।
बेटे ने खोला ठगी का राज
जब तय समय पर पैसा वापस नहीं मिला, तब पीड़ित ने अपने बेटे को पूरी जानकारी दी। बेटे ने ऑनलाइन जांच और आरोपी द्वारा दी गई निवेश बुकलेट की पड़ताल की, जिसमें दस्तावेज फर्जी निकले।
इसके बाद पूरे ठगी मामले का खुलासा हुआ और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई।
