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अयोध्या में वर्ल्ड क्लास मंदिर संग्रहालय से लेकर पेयजल परियोजनाओं तक...योगी कैबिनेट में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

 
CM Yogi
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आज कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें अयोध्या में विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय का विस्तार, दो बड़े शहरों की पेयजल परियोजनाएं, खिलाड़ियों को राहत और दिव्यांगों के लिए नए पुनर्वास केंद्र शामिल हैं।

अयोध्या में 52 एकड़ में विकसित होगा वर्ल्ड क्लास ‘मंदिर संग्रहालय’

सरकार ने अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। टाटा संस की मदद से बनने वाले वर्ल्ड क्लास ‘मंदिर संग्रहालय’ परियोजना का विस्तार कर दिया गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि टाटा संस इस परियोजना में अपने CSR फंड से सहयोग करेगा और इसके संचालन के लिए कंपनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी एसपीवी बनाया जाएगा। इसमें केंद्र, राज्य और टाटा संस के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

पहले इस प्रोजेक्ट के लिए 25 एकड़ भूमि आवंटित थी, जिसे बढ़ाकर अब कुल 52.102 एकड़ कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि यह संग्रहालय अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाएगा तथा रोजगार के नए अवसर खोलेगा।

बरेली और कानपुर को मिलेगी स्वच्छ पेयजल की सौगात

कैबिनेट ने शहरी पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए बरेली और कानपुर में दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। अटल नवीकरण एवं शहरी रूपांतरण मिशन (AMRUT) 2.0 के तहत लगभग 582.74 करोड़ रुपये की लागत से इन योजनाओं को लागू किया जाएगा।
इससे दोनों शहरों में लाखों लोगों को स्वच्छ और नियमित पेयजल मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को बड़ी राहत

सरकार ने खिलाड़ियों के हित में एक अहम निर्णय लिया है। अब राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों या संबंधित यात्राओं में शामिल खिलाड़ियों की पूरी अवधि को ड्यूटी के रूप में मान्य किया जाएगा।
इससे खिलाड़ियों को छुट्टी संबंधी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा और उनकी सेवा पुस्तिका पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

दिव्यांग व्यक्तियों के लिए 18 मंडलों में नए पुनर्वास केंद्र

दिव्यांगजनों को सुविधाएं और बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए कैबिनेट ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में नए जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। फिलहाल प्रदेश के 38 जिलों में ये सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन अब हर मंडल स्तर पर केंद्र खोले जाने से दिव्यांगजनों को दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।