गाजीपुर कांड: पीड़ित परिवार को 5 लाख, जमीन और मकान—सरकार ने दी बड़ी राहत
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र स्थित कटारिया गांव में पीड़ित सियाराम विश्वकर्मा के परिवार को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक और आवासीय सहायता प्रदान की गई है। प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर स्वयं गांव पहुंचे और पीड़ित को 5 लाख रुपये का चेक, 1.5 बीघा जमीन के पट्टे के कागजात तथा मुख्यमंत्री आवास योजना से जुड़ा दस्तावेज सौंपा।
मंत्री ने बताया कि यह सहायता योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव मदद सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी प्रदेश में माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है, जबकि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सख्त है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 5:44 बजे डायल-112 पर सूचना मिली कि सियाराम शर्मा की पुत्री ने जमानियां गंगा नदी पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया और शरीर पर किसी प्रकार की चोट के निशान नहीं मिले।
इसके बाद 18/19 अप्रैल की रात सियाराम शर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें हरिओम पाण्डेय और अभिषेक पाण्डेय को आरोपी बनाया गया। 19 अप्रैल को मुख्य आरोपी हरिओम पाण्डेय को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
पथराव और राजनीतिक विवाद
22 अप्रैल को कटारिया गांव में पुलिस पर पथराव की घटना भी सामने आई, जिसमें एक महिला समेत दो लोग घायल हुए, जबकि कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए। इस मामले में 46 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
नामजद आरोपियों में गोपाल यादव, जैकिशन साहू और वीरेन्द्र यादव शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि घटना के समय एक राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल गांव में मौजूद था, जिसके दौरान भीड़ उग्र हो गई।
पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने कहा है कि मामले में तेजी से कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
